यमुनानगर | हरियाणा के यमुनानगर में कलेसर राष्ट्रीय वन पार्क (Kalesar National Forest Park) 3 साल बाद फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. सबसे खास बात यह है कि यह पार्क उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क और हिमाचल के सिंबलवाड़ा से जुड़ा हुआ है. इस साल अप्रैल में 110 साल बाद पार्क में बाघ भी देखा गया है. जब यहां सफारी हुआ करती थी तो देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी पर्यटक यहां घूमने आते थे.
टिकट के लिए 30 रुपये होंगे चुकाने
जंगल सफारी में वयस्कों के लिए 30 रुपये, बच्चों के लिए 10 रुपये, कैमरा इस्तेमाल करने के लिए 50 रुपये, वाहन पार्क करने के लिए 20 रुपये और वीडियो कैमरा इस्तेमाल करने के लिए 500 रुपये का टिकट होगा. अंदर कार का किराया 500 रुपये था लेकिन अब अगर सफारी दोबारा शुरू होगी तो इसके रेट में अंतर आएगा.
पार्क में दिखेंगे ये जानवर और पक्षी
इस जंगल सफारी में तेंदुआ, सांभर, बिल्ली, चीतल, नीलगाय, भालू, जंगली चित्तीदार बिल्ली, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गी जैसे जानवरों की प्रजातियां हैं. यहां जंगली सूअर और नेवले भी पाए जाते हैं. कई बार राजाजी नेशनल पार्क से बाघ और हाथी भी इस क्षेत्र में आ जाते हैं. जब यहां सफारी हुआ करती थी तो देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी पर्यटक यहां घूमने आते थे.
इस वजह से किया गया था बंद
कालेसर राष्ट्रीय उद्यान हिमालय की शिवालिक पर्वत श्रृंखला की तलहटी में स्थित है. कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर के कारण कलेसर राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया. तब से यहां सफारी पर प्रतिबंध लगा हुआ है. तब उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि यहां आने वाले पर्यटकों के साथ जंगली जानवरों पर वायरस का कोई प्रभाव न पड़े. इसके बाद, अब यह गार्डन आम लोगों के लिए खोल दिया गया है.
पार्क की सीमाएं तीन राज्यों से जुड़ी
कलेसर राष्ट्रीय उद्यान एक बेहद खूबसूरत पर्यटन स्थल है. इसकी सीमा 3 राज्यों हिमाचल, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से लगती है. इस पार्क का नाम यहां बने कालेसर मठ (शिव) मंदिर के नाम पर रखा गया है. 8 दिसंबर 2003 को 11570 एकड़ क्षेत्रफल वाले इस पार्क को राष्ट्रीय उद्यान घोषित किया गया था. वर्ष 2015 में पहली बार यहां जंगल सफारी शुरू की गई थी. पर्यटक अब वन्यजीव विभाग की निगरानी में 14 किलोमीटर तक पैदल चल सकेंगे.
