भिवानी जिले के इस गांव में बनेगी डिजिटल लाइब्रेरी, 60 लाख रूपए आएगी लागत

भिवानी | कहते हैं मन में समाज उत्थान का जज्बा पैदा हो जाएं तो अपने- पराएं में भेदभाव नजर नहीं आता है. बस इसी लक्ष्य को लेकर इंसान आगे बढ़ता है और अपने विवेक से उस जगह सार्वजनिक जीवन को बेहतर बनाने का प्रयत्न करता है, जहां हकीकत में इसकी आवश्यकता होती है. कुछ ऐसा ही उदाहरण पेश किया है गांव मंसरबास की बेटी वंदना ने, जिसकी चौतरफा प्रशंसा हो रही है.

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डिजिटल लाइब्रेरी की रखी नींव

वंदना ने गांव जुई स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के परिसर में डिजिटल लाइब्रेरी की नींव रखी. इसके निर्माण और अन्य जरूरी सामानों पर करीब 60 लाख रूपए की लागत राशि खर्च होगी. इसका निर्माण कार्य छह महीने में पूरा होने की संभावना है. इस लाइब्रेरी के बनने से गांव व साथ लगते अन्य गांवों की लड़कियों को पढ़ने के लिए शहर का रूख करने की जरूरत नहीं होगी. वो यहां बैठकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेगी.

इसी स्कूल से की थी शिक्षा ग्रहण

कालूवाला कंस्ट्रक्शन प्राईवेट लिमिटेड की डायरेक्टर वंदना ने बताया कि उन्होंने इसी स्कूल से साल 2002- 03 में कक्षा बारहवीं उत्तीर्ण की थी. 2005 में उनकी शादी हो गई लेकिन उनका सपना था कि एक दिन इस स्कूल के लिए कुछ करना है. इस बारे में उन्होंने अपने पति से बात की तो उन्होंने भी अपनी सहमति जताई. इसके बाद, बुधवार को ग्रामीणों की उपस्थिति में पंडित सुरेश शास्त्री ने विधिवत रूप से डिजिटल लाइब्रेरी की नींव रखी गई है.

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगी लाइब्रेरी

उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएगी, जिसमें कम्प्यूटर, एसी, फर्नीचर, WiFi, पीने का पानी आदि की व्यवस्था होगी. यहां एक साथ 55 स्टूडेंट्स के बैठने की जगह होगी. वहीx, सभी प्रकार की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए पुस्तकें व अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराई जाएगी.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.