रोहतक खड़ी ट्रेन में शार्ट सर्किट से नहीं बल्कि इस कारण से लगी आग, हैरान करने वाला खुलासा

रोहतक । दिल्ली -रोहतक ईएमयू पैसेंजर ट्रेन में आग लगने के बाद रेलवे प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. पहला सवाल यही है कि जहां पर यार्ड में ट्रेन खड़ी थी, वहां उसकी कोई चारदीवारी क्यूं नहीं है. दिनभर वहां असामाजिक तत्व घूमते रहते हैं. जिस ट्रेन में आग लगी है,उसे दोबारा शाम चार बजकर पांच मिनट पर दिल्ली के लिए रवाना होना था. इसी वजह से न ट्रेन की खिड़की बंद की गई और न ही दरवाज़े बंद किए गए. प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो जिस समय आग लगी, उससे कुछ देर पहले भी वहां असामाजिक तत्व घूम रहे थे .

rohtak train fire news

बीड़ी से भी आग लगने की आंशका जताई गई है, हालांकि अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है. पूरे मामले की गहनता से जांच के लिए एफएसएल इंचार्ज डॉ सरोज दहिया को भी मौके पर बुलाया गया. इसके अलावा दिल्ली से नार्थ रेलवे के चीफ सेफ्टी आफिसर,एडिनिशनल जनरल मैनेजर, सीनियर डिवीजनल सेफ्टी आफिसर और एडीआरएम समेत अन्य अधिकारियों ने भी मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की.
ट्रेन की बोगियों में आग लगने के बाद दमकल कर्मी तुरंत मौके पर पहुंच गए थे. दमकल विभाग की एक के बाद एक 6 गाडियां मौके पर पहुंची. बोगियों के अंदर सीटों पर फोम लगा होने के कारण आग की लपटो पर काबू पाना मुश्किल हो रहा था. इसके अलावा डीजल टैंक के अंदर भी आग पहुंचने का खतरा बना हुआ था.

रेल मंत्री को ट्वीट

जिस ट्रेन में आग लगी है,उस ट्रेन को लेकर दिल्ली रोहतक दैनिक रेल यात्री समिति के प्रवक्ता सतपाल की तरफ से वीरवार सुबह रेल मंत्री पीयूष गोयल को ट्वीट किया गया था. ट्वीट के साथ एक फोटो शेयर किया गया था जिसमें ट्रेन के अंदर बैठे कुछ व्यक्ति बीड़ी पी रहे थे. ट्वीट में मांग करते हुए कहा गया है कि ट्रेनों में बीड़ी पीने वालों पर रोक लगाई जानी चाहिए. इन लोगों की वजह से कभी भी हादसा हो सकता है.

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टल गया बड़ा हादसा

जिस ट्रेन में आग लगी है, उसमें 16 बोगियां जुड़ी हुई है. एक- एक कर आखिर की तीन बोगियां जलकर राख हो गई. रेलवे ट्रैक पर एक नया इंजन खड़ा था,वह भी आग की लपटो में आ गया.

करीब 50 लीटर पानी से पाया आग पर काबू

असिस्टेंट फायर सेफ्टी आफिसर दीपक शर्मा ने बताया कि छः गाडियां दमकल विभाग की तरफ़ से मौके पर पहुंची थी. जिसमें करीब 50 हजार लीटर पानी से आग पर काबू पाया गया. सबसे पहले प्राथमिकता इंजन को बचाने की थी, जिसमें हम कामयाब रहे.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.