सिरसा । दो राज्यों की सीमा पर स्थित एक घर को लेकर एक बेहद रोचक मामला सामने आया है. महाशा धर्मशाला से लगते घर में 70 वर्षीय जगवंती देवी परिवार सहित रहतीं हैं. उसके घर का एक दरवाजा हरियाणा में खुलता है तो दूसरा पंजाब में. इसलिए नहीं कि परिवार में विवाद हुआ हो, बल्कि हरियाणा बिजली वितरण निगम के फरमान पर ऐसा हुआ है.
बिजली कनेक्शन लेने के लिए बनवानी पड़ी बीच में दीवार
करीब तीन महीने पूर्व बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था.जमीन की रजिस्ट्री उर्दू में होने के कारण कनेक्शन जारी करने में आपत्ति हुई. अनुवाद करके रजिस्ट्री की भाषा अंग्रेजी करवाई गई. उम्मीद थी कि कनेक्शन मिल जाएगा, लेकिन बिजली निगम ने आपत्ति लगा दी कि घर दो प्रदेशों हरियाणा- पंजाब में एक साथ बना हुआ है. कनेक्शन तभी जारी होगा,जब पंजाब सीमा पर ईंटों की दीवार बनेंगी. निगम की आपत्ति को दूर करने के लिए जगवंती को दीवार बनवानी पड़ी.
हरियाणा के आखिरी सीरे पर बसे शहर डबवाली की भौगोलिक स्थिति प्रदेश के अन्य कस्बों से अलग है. वर्ष 1966 में जब हरियाणा बना था तो पंजाब के साथ सीमा निर्धारित हुई थी. इससे सीमा पर बसे कई घरों में लकीर खींच गईं . इतने वर्षों बाद हरियाणा बिजली वितरण निगम इस लकीर को पीटने लगा है.निगम ने वार्ड नंबर 4 में वृद्धा के घर पर बिजली कनेक्शन देने के लिए दीवार खड़ी करवाकर पंजाब को जाने वाला रास्ता बंद करवा दिया.
बिजली कनेक्शन पर आपत्ति क्यों
जगवंती देवी की शादी के समय पंजाब वाले हिस्से में घर बना हुआ था. पंजाब का बिजली व पेयजल कनेक्शन प्रयोग करते थे. कुछ समय पहले हरियाणा वाले हिस्से में निर्माण किया. प्रापर्टी टैक्स डबवाली नगर परिषद में जमा करवाने लगे. जनस्वास्थ्य विभाग ने पेयजल कनेक्शन जारी किया, लेकिन दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिजली कनेक्शन पर आपत्ति दर्ज करवा दी.
वहीं युगांक जैन , उपमंडल अधिकारी, बिजली निगम, डबवाली ने इस पूरे मामले को लेकर कहा कि मैं इस संबंध में जेई रविन्द्र पाल से रिपोर्ट तलब करुंगा. लेकिन ऐसा संभव नहीं है कि बिजली निगम की वजह से किसी को घर में ही दीवार निकालने की नौबत आए. मैं खुद पूरे मामले की जांच करुंगा.
