फतेहाबाद | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती की ओर से तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं. इसी कड़ी में फतेहाबाद जिले के गांव बादलगढ़ के किसान डॉक्टर हंसराज ने ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) की खेती में सफलता का ऐसा परचम लहराया कि दूसरे किसानों के लिए न केवल प्रेरणा स्रोत बन गए, बल्कि लाखों रूपए कमाई कर खुद की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रहें हैं. आज डॉ. हंसराज करीब 15 एकड़ जमीन पर ड्रैगन फ्रूट की खेती करते हुए अपनी मेहनत से सालाना लाखों रूपए कमा रहा है.

ड्रैगन फ्रूट की खेती से लहराया परचम
डॉक्टर हंसराज ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती करने पर शुरुआती खर्च लगभग 3 लाख रूपए के आसपास पहुंच जाता है, जिसमें पौधों की खरीद, ट्रीलिस सिस्टम, सिंचाई और खाद जैसे खर्चे शामिल हैं. उन्होंने बताया कि पौधों की रोपाई के बाद पहली फसल लगभग 18- 24 महीने में तैयार हो जाती है. एक बार पौधा लगने के बाद यह लगभग 15 से 20 साल तक फल देता है. प्रति एकड़ सालाना औसत उत्पादन 5- 7 टन के करीब रहता है, जिससे किसान को करीब 8 से 10 लाख रुपए तक की आमदनी होती है.
हंसराज ने बताया कि हरियाणा सरकार ड्रैगन फ्रूट की खेती पर 50% की सब्सिडी देती है. इसके अलावा, मृदा परीक्षण, ड्रिप सिंचाई और पौधों की खरीद पर भी सब्सिडी का लाभ मिलता है. उनकी सफलता से प्रेरित होकर फतेहाबाद और आसपास के क्षेत्र में कई किसान आज ड्रैगन फ्रूट की खेती कर रहे हैं. इन किसानों ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती पर हंसराज की सफलता को देखते हुए उन्होंने भी परम्परागत खेती का मोह त्याग कर इस फसल की खेती करना शुरू कर दिया.
कम लागत में अधिक मुनाफा
इन किसानों ने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती पर शुरूआती खर्च थोड़ा ज्यादा है, लेकिन हरियाणा सरकार की सब्सिडी से राहत मिलती है. प्रदेश सरकार ने ट्रेलिसिंग और पौधारोपण के लिए 50% सब्सिडी का लाभ दिया है. साथ ही, डॉ. हंसराज ने व्यक्तिगत रूप से हमें ड्रैगन फ्रूट की खेती की हर तकनीक से अवगत कराया है.
उन्होंने बताया कि ड्रैगन फ्रूट की खेती की सबसे अच्छी बात यह है कि इसके लिए ज्यादा सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है. इस फल की मांग भी काफी ज्यादा है, जिससे बाजार की चिंता नहीं होती. अगर किसान बागवानी और ऑर्गेनिक खेती का रूख करेंगे, तो कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकता है.
सबसे ज्यादा सब्सिडी देती है हरियाणा सरकार
जिला बागवानी अधिकारी डॉ. सरवन बराड़ ने बताया कि पूरे देश में हरियाणा सरकार बागवानी खेती के लिए सबसे ज्यादा सब्सिडी देती है. सरकार बागवानी के तहत, हर किसान को नए बाग लगाने पर 43 हजार रूपए तक की सब्सिडी देती है. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए ड्रिप सिस्टम के तहत सब्सिडी प्रदान करती है. विदेशी फल होने के चलते देश में इसकी खेती की सही जानकारी के अभाव में यह बाजार में अधिक मात्रा में उपलब्ध नहीं रहता है. इसलिए इस फल की हमेशा डिमांड बनी रहती है.