जींद | हरियाणा के जींद जिले के सफीदों की आदर्श कॉलोनी में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक निर्दयी मां ने अपनी नवजात बच्ची को कड़कड़ाती ठंड में गली में फेंक दिया. ठिठुरते मौसम में बच्ची की रोने की आवाज सुनकर सीमा नामक एक महिला ने रहम दिखाते हुए मासूम की जान बचाई. इस घटना ने समाज का एक अलग ही चेहरा दिखाया है, वहीं सीमा ने जो मानवता दिखाई उसकी अब हर और तारीफ हो रही है.
रिक्शा बाइक के नीचे मिली बच्ची
गौरतलब है कि सीमा को एक बच्ची एक रिक्शा बाइक के नीचे कपड़े में लिपटी पड़ी मिली थी और कुत्ते उसे चाट रहे थे. तुरंत सीमा ने बच्ची को उठाया और उसे घर ले जाकर साफ कपड़े पहनाकर दूध पिलाया. इसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी.
सूचना मिलने पर सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को तुरंत नागरिक अस्पताल भेजा गया. डॉक्टरों ने बच्ची हालत को स्थिर बता रहे हैं. इस घटना से कॉलोनी के लोग स्तब्ध हैं और इस बुरे काम की निंदा करने के साथ जींद प्रशासन से दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
सीमा ने जताई गोद लेने की इच्छा
बच्ची को बचाने वाली सीमा ने कहा कि यह बच्ची उनके लिए लक्ष्मी का ही रूप है, इसलिए उन्होंने उसका नामकरण ‘खुशी’ कर दिया और प्रशासन से उसे गोद लेने की इच्छा जताई. सीमा ने कहा कि यदि इजाजत मिलती है तो वह खुशी को अपने चौथे बच्चे की तरह पाल लेगी.
कॉलोनीवासियों ने घटना को लेकर गहरी नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि यदि बच्ची को पालना संभव नहीं था, तो उसे किसी जरूरतमंद को सौंप सकते थे. वहीं, सीमा की इंसानियत की सराहना करते हुए अब लोग ये कहने को मजबूर हो चुके है कि “जाको राखे साइयां, मार सके ना कोई.”
