भिवानी | प्रयागराज महाकुंभ में इंटरनेट मीडिया पर छाए IITian बाबा अभय ग्रेवाल अब हरियाणा के लोगों को खासे पसंद आ रहे हैं. उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है और प्रदेश वासी उन्हें अपने यहाँ वापस बुलाने को भी आतुर दिख रहे हैं. लोग कह रहे हैं कि अगर बाबा यहाँ आकर समाजहित में कोई संस्थान स्थापित करना चाहते हैं, तो उन्हें हर संभव सहयोग दिया जाएगा.
बामला गांव से गहरा नाता
अभय ग्रेवाल का मूल परिवार भिवानी जिले के बामला गांव से सम्बन्ध रखता है. ऐसे में बामला के प्रबुद्ध लोगों का कहना है कि अगर आईआईटियन बाबा यहाँ लौटकर कोई सामाजिक या शैक्षिक पहल करना चाहें, तो उन्हें हर तरह की मदद मिलेगी. यहाँ तक कि संस्था स्थापित करने के लिए जमीन उपलब्ध कराने में भी मदद की जाएगी.
बाबा अभय ग्रेवाल का भिवानी और झज्जर से गहरा नाता है. उनके परिवार ने करीब 50 साल पहले भिवानी से झज्जर के सासरौली गांव में बसने का फैसला किया था. उनके पिता कर्ण सिंह ग्रेवाल झज्जर अधिवक्ता परिषद के अध्यक्ष भी रह चुके हैं.
स्वास्थ्य और योग से भी गहरा रिश्ता
साल 2021 में बाबा अभय ग्रेवाल ने भिवानी के प्राकृतिक चिकित्सालय में दो हफ्ते का उपचार लिया था. अपनी सादगी, मिलनसार स्वभाव और अद्भुत प्रतिभा के चलते वे अस्पताल के मरीजों और स्टाफ के बीच बेहद लोकप्रिय हो गए थे. उन्होंने योग के महत्व को समझा और इसे अपनी दिनचर्या का अहम हिस्सा बना लिया. बामला गांव के लोग बाबा का स्वागत करने को तैयार हैं. यदि वे शिक्षा या समाजसेवा के क्षेत्र में कुछ अच्छा करना चाहें तो उन्हें हर तरह की मदद की जाएगी.
