रेवाड़ी जिले के 50 से ज्यादा गांवों में आसमान से बरसी आफत, ओलावृष्टि से सरसों- गेहूं की फसल तबाह

रेवाड़ी | दक्षिण हरियाणा के रेवाड़ी जिले (Rewari District) में शुक्रवार की रात आसमान से आफत बरसी है. यहां 50 से ज्यादा गांवों में हुई ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है. गेहूं व सरसों की फसल में करीब 75% नुकसान हुआ है. ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों ने सरकार से उचित मुआवजा राशि की मांग की है.

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इन गांवों में हुई ओलावृष्टि

रेवाड़ी के बावल, कुंड व खोल ब्लॉक के गांवों में ओलावृष्टि से ज्यादा नुकसान हुआ है. इसके अलावा, ढाणी शोभा, भालखी माजरा, टींट, खोरी, हरजीपुर, गोलियाका, सुलखा, बेरवाल, बधराना, भाड़ावास, नंदरामपुर बास, लाधूवास, जड़थल, भूथला, आसियाकी, पांचौर, रालियावास, नांगल जमालपुर, अहरोद सहित कई अन्य गांवों में भी जमकर ओलावृष्टि हुई है.

किसानों का कहना है कि ओलावृष्टि के कारण पककर तैयार हो चुकी सरसों की फसल की टहनियां टूट गई है. खाद-पानी, स्प्रे इत्यादि खर्च कर कड़ी मेहनत से फसल को तैयार किया था और अब केवल उन्हें मेहनत का फल मिलना बाकी था लेकिन ओलावृष्टि ने सारे सपने चकनाचूर कर दिए. इस बार पाले की मार से किसान की फसलें बचीं तो ओलावृष्टि ने चौपट कर दी.

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72 घंटे में पोर्टल पर करवाएं अपलोड

कृषि विभाग की ओर से आज फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला जा सकता है, जहां ओलावृष्टि से प्रभावित किसान 72 घंटे के दौरान अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. उसके बाद, बीमा कंपनी और कृषि विभाग के अधिकारी नुकसान का जायजा लेने पहुंचेंगे. नुकसान के आंकलन में खराबे की प्रतिशत के आधार पर किसानों को मुआवजा मिलेगा. वहीं, भारतीय किसान यूनियन चढूनी के प्रधान ने जल्द- से- जल्द गिरदावरी की मांग उठाते हुए कहा कि बिना फसल बीमा वाले किसानों को भी जल्द मुआवजा देकर राहत देनी चाहिए.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.