रोहतक | खेल मैदान से लेकर शिक्षा क्षेत्र की बात करें, तो हरियाणा की युवा पीढ़ी अपनी मेहनत और काबिलियत की बदौलत देश- दुनिया में नाम कमा रही है. लड़के ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी सफलता के नए आयाम स्थापित कर रही है. इसी कड़ी में रोहतक जिले के गांव मोरखेड़ी की बेटी प्रियंका ने भारतीय सेना (Indian Army) में लेफ्टिनेंट की नौकरी हासिल कर अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन किया है. बैंगलोर में हुई पासिंग आउट परेड में प्रियंका ने कमीशन प्राप्त किया.
छोटी उम्र में सिर से उठा मां का साया
एक साधारण किसान परिवार में जन्मी प्रियंका के पिता वन विभाग में फॉरेस्ट गार्ड की नौकरी करते हैं. प्रियंका की उम्र जब 10 साल ही हुई थी कि उनके सिर से मां का साया उठ गया था, लेकिन छोटी उम्र में मां को गंवाने के गम को उन्होंने अपने सपनों पर हावी नहीं होने दिया. लगातार कड़ी मेहनत करते हुए भारतीय सेना में भर्ती होने के अपने सपने को पूरा किया.
पिता राजेश ने बताया कि बेटी प्रियंका बचपन से ही पढ़ाई में होशियार रही है. गांव हसनगढ़ के दिल्ली इंटरनेशनल स्कूल से कक्षा 10वीं तक की पढ़ाई करने वाली प्रियंका ने प्रताप स्पोर्ट्स स्कूल, खरखौदा से साइंस विषय में कक्षा 12वीं में पहला स्थान हासिल किया था. इसके बाद, बॉयोलॉजिकल में दिल्ली यूनिवर्सिटी से स्नातक की डिग्री हासिल करते हुए दूसरा स्थान प्राप्त किया.
हासिल की नंबर- 1 रैंक
उन्होंने बताया कि बेटी प्रियंका बचपन से ही भारतीय सेना में भर्ती होने का सपना देखा था और इसके लिए वो निरंतर प्रयासरत थी. उन्होंने बिना कोचिंग के परीक्षा पास करते हुए सफलता हासिल की है. स्नातक की पढ़ाई आखिरी दौर में थी, उसी दौरान प्रियंका ने अक्टूबर 2020 में सीडीएस परीक्षा दी और परीक्षा पास करने के बाद 7 जनवरी 2021 को बैंगलोर के आर्म्ड हॉस्पिटल में ट्रेनिंग के लिए चली गई थी.
पिता ने बताया कि सीडीएस परीक्षा में 1.40 लाख अभ्यर्थियों में प्रियंका ने नंबर- 1 रैंक हासिल की थी. हमें अपनी बेटी की उपलब्धि पर गर्व है. आज पूरे परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ है. बेटी ने अपनी मेहनत से सेना में लेफ्टिनेंट बनकर परिवार का गौरव बढ़ाया है. हमारी बेटी की जिंदगी देशसेवा के काम आएगी, इससे बड़ी खुशी की बात और क्या हो सकती है.
