नई दिल्ली | अगर आपका खाता भी EPFO में है, तो आपके लिए अच्छी खबर है. दरअसल, 31 मार्च तक ईपीएफओ अपनी तकनीकी सुधार के पहले चरण को पूरा कर लेगा. इसके तहत, डेटाबेस को सेंट्रलाइज किया जाएगा. इसके बाद, उपभोक्ताओं को काफी ज्यादा सुविधा मिल जाएगी. इनमें क्लेम प्रोसेस सेटलमेंट और शिकायत सहित कई सेवाएं शामिल हैं.
तेजी से निपटेंगे काम
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने सिस्टम को बेहतर बनाने पर काम कर रहा है, ताकि लोगों को बेहतरीन सुविधाएं दी जा सकें. इसी कड़ी में संगठन अपने पहले चरण के तहत डेटाबेस को सेंट्रलाइज करने जा रहा है. इसके बाद, क्लेम सेटलमेंट और शिकायत सहित कई सेवाओं को तेजी से पूरा किया जा सकेगा.
इस विषय में जानकारी देते हुए एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि 31 मार्च इसके लिए अंतिम तारीख निर्धारित की गई है. उन्हें उम्मीद है कि तब तक ज्यादातर नए सिस्टम लागू हो जाएंगे. हालांकि, बदलाव में कुछ और समय लग सकता है, लेकिन हमें उम्मीद है कि यह पूरी तरह से जल्द से जल्द लागू हो जाएगा.
नए सिस्टम से मिलेगी यह सुविधाएं
ऐसी उम्मीद है कि सेंट्रल IT इनेबल्ड सिस्टम या सीआईटीईएस 2.01 के नाम से मशहूर इस नए प्लेटफॉर्म से संगठन अपने प्रदर्शन को बेहतरीन बनाने की तैयारी कर रहा है. इसका उद्देश्य क्लेम सेटलमेंट और पेमेंट संबंधित सेवाओं में सुधार लाना है. यह पुराने फील्ड ऑफिस एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर की जगह लेगा. नया आईटी सिस्टम खाता धारकों के लिए UAN बेस्ड लेजर की सुविधा प्रदान करेगा.
करोड़ों खाताधारकों को मिलेगी राहत
अगर 7 मार्च तक के आंकड़ों की बात करें तो उस समय तक ईपीएफओ के देश भर में 11.78 करोड़ से ज्यादा सदस्य थे. बीते काफी सालों से संगठन के सामने सदस्यों को समय पर सेवाएं देने में दिक्कतें आ रही थीं. इनमें क्लेम प्रोसेस और निपटान, खातों के ट्रांसफर, ई- पासबुक खाता अपडेट आदि शामिल हैं. अब इस बुनियादी ढांचे में सुधार करने के उद्देश्य से EPFO द्वारा अपने प्लेटफॉर्म को आधुनिक बनाए जाने की योजना पर काम हो रहा है.
