गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां सेक्टर- 109 स्थित चिंटल पैराडाइसो सोसायटी के असुरक्षित घोषित हो चुके A, B और C टावर को खाली करने पर लगी रोक पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में 9 अप्रैल को सुनवाई होगी. इन तीनों टावर में रहने वाले लोगों और बिल्डर प्रबंधन को कोर्ट में सुनवाई का इंतजार है.
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी निगाहें
सोसायटी के RWA प्रधान राकेश हुड्डा ने कहा कि अब इंतजार रहेगा कि टावरों को खाली करने के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट स्टे को आगे बढ़ाती है या फिर कोई नए दिशानिर्देश जारी किए जाएंगे. स्टे के बाद जिला प्रशासन से लेकर बिल्डर की ओर से कोई पत्राचार नहीं हुआ है. ऐसे में किसी पर फ्लैट मालिकों को भरोसा नहीं रहा है. अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है.
नहीं दी स्पष्ट जानकारी
26 मार्च को सुप्रीम कोर्ट की ओर से आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत जिला उपायुक्त अजय कुमार के असुरक्षित A, B और C टावर को खाली करने के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी गई थी. प्रशासन के आदेश में तीन टावर में रह रहे करीब 150 फ्लैट मालिकों के लिए विकल्प एक और दो के चयन को लेकर कोई जिक्र नहीं किया गया था. किराया और स्थानांतरण शुल्क के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई थी.
चिंटल इंडिया लिमिटेड कंपनी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष जेएन यादव ने कहा कि स्टे खत्म करने के लिए 9 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में पक्ष रखा जाएगा. इसमें A, B व C टावर को खाली कराने और सभी फ्लैट मालिकों को विकल्प दिया जाएगा.
