फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले (Faridabad Distrcit) के साहुपुरा गांव का किसान लक्ष्मण सिंह अपनी मेहनत, समझदारी और लगन के बलबूते अब औरों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन चुका है. लक्ष्मण सिंह ने परंपरागत खेती को छोड़कर गेंदे के फूल की एक खास किस्म की खेती शुरू की. उसके बाद, जैसे इनकी किस्मत ही बदल गई. इन्हें देखकर अब बाकी किसान भी इसी राह पर चल निकले हैं.
हर महीने हो रही 30 हजार रूपए तक कमाई
किसान लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वह 3 बीघा जमीन पर गेंदे की खेती कर रहे हैं, जिससे उन्हें हर महीने करीब 30,000 रूपए तक की कमाई हो जाती है. जिस गेंदे की खेती वह कर रहे हैं उसे कलम वाला गेंदा कहा जाता है. यह दिल्ली और आसपास के इलाकों में नहीं मिलता. इसे खास तौर पर कोलकाता से मंगवाना पड़ता है.
इसकी विशेष बात यह है कि यह महीने में तैयार हो जाता है, जबकि सामान्य गेंदा 3 महीने में तैयार होता है. एक पौधे की कीमत 80 पैसे आती है. इसकी रोपाई के लिए डेढ़ फुट का फासला रखना होता है. 1 किलो फूल उगाने में 30 से ₹40 का खर्चा आ जाता है. जब इस फूल को मंडी में बेचा जाता है, तो ये 100 से ₹200 प्रति किलो के हिसाब से बिकते हैं.
3 साल से कर रहे यही खेती
इस प्रकार देखा जाए, तो एक महीने भर में ही अच्छी खासी कमाई हो जाती है. बीते 3 सालों से वह इसी प्रकार की खेती कर रहे हैं. हर बार उन्हें फायदा ही हो रहा है. वह कहते हैं कि अगर सही तरीके से पौधों की देखभाल और सिंचाई की जाए, तो हर साल उत्पादन बढ़ता है. उत्पादन बढ़ने से आमदनी भी बढ़ती है. गेंदे के फूल की लगातार मांग बनी रहती है, जिससे उन्हें कभी भी कोई दिक्कत नहीं आती.
