एकाएक आसमान छू रही बासमती चावल की कीमतें, कई बड़ी वजह आई सामने

नई दिल्ली | ऑपरेशन सिंदूर के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पर जारी तनाव के बीच देश में एकाएक बासमती चावल (Basmati Rice) के रेट में इजाफा दर्ज हुआ है. पिछले 2 महीनों में बासमती चावल की कीमतों में करीब 18% की बढ़ोतरी हुई है और कीमतें 65 रुपए प्रति किलोग्राम पहुंच गई है, जबकि पहले 55 रुपए प्रति किलोग्राम थी.

basmati chawal rice

बढ़ोतरी की कई वजहें आई सामने

कृषि अर्थशास्त्री सिराज हुसैन ने बताया कि बासमती चावल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध जैसे हालात पैदा होने से हुई है. उन्होंने एक और वजह बताते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने एथेनॉल प्रोडेक्शन के लिए अतिरिक्त 28 लाख टन चावल को मंजूरी दी है, जबकि पिछले साल यह 24 लाख टन थीं. एक और वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 950 डॉलर प्रति टन के मिनिमम एक्सपोर्ट रेट को हटा दिया, जिससे बासमती चावल का एक्सपोर्ट बढ़ गया है.

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बदलते मौसम पैटर्न और जलवायु परिवर्तन ने भी फसल उत्पादन को प्रभावित किया है. लागत और ट्रांसपोर्ट का खर्च बढ़ रहा है. भविष्य में कीमतों में उछाल जारी रहेगा. बढ़े हुए चावल के भंडार के साथ भारत सरकार एक्सपोर्ट के प्रतिबंधों को कम कर रही है.

इंटरनेशनल लेवल पर बढ़ेगी डिमांड

न्यूनतम मूल्य को हटाया जा रहा है, जिससे शिपमेंट को बढ़ावा मिल सके. इस कदम से भारतीय चावल की पाकिस्तान के मुकाबले इंटरनेशनल मार्केट में मांग ज्यादा रहेगी. आने वाले समय में इंटरनेशनल लेवल पर डिमांड बढ़ने से चावल की कीमतों में बढ़ोतरी जारी रह सकती है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.