फरीदाबाद | किर्गिस्तान की एक मां ने हरियाणा के फरीदाबाद (Faridabad) जिले में आकर अपने एक लीवर का हिस्सा अपने 14 साल के बेटे को डोनेट कर उसे नया जीवनदान दिया है. शहर के एक निजी अस्पताल में 13 घंटे तक चली सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया. डॉक्टरों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अब दोनों की हालत ठीक है.

किर्गिस्तान से भारत आया था परिवार
इस बारे में जानकारी देते हुए फरीदाबाद के निजी अस्पताल की प्रोग्राम क्लिनिकल डायरेक्टर एवं एचओडी- लिवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी, डॉ. पुनीत सिंगला ने बताया कि हमारे पास किर्गिस्तान से हमारे पास 14 वर्षीय बेकज़ात रुस्लानोविच कुदैबेर्गेनोव नाम का एक लड़का एडमिट हुआ था, जिसके लिवर में इन्फेक्शन फैला हुआ था. किर्गिस्तान में इसका इलाज उपलब्ध नहीं है. हमारे पास मरीज को पुरानी हिस्ट्री के साथ लाया गया. शुरुआती जांच में हमें पता चला कि बच्चों के अंदर इन्फेक्शन काफी हद तक फैल चुका है और पेट की बड़ी नस में भी फैला हुआ है.
साधारण ऑपरेशन से नहीं हो सकता था इलाज
ऐसे मामलों में सामान्य ऑपरेशन करके इन्फेक्शन वाले एरिया को नहीं निकाला जा सकता. इस कंडीशन में संक्रमित लीवर और बाकी इनफेक्टेड हिस्से को निकालना जरूरी होता है. जब यह बात बच्चे की मां को बताई गई, तो उन्होंने बेटे को लीवर का हिस्सा देने के लिए इच्छा जताई. इस उपचार से जुड़ी सारी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद बच्चे का लिवर ट्रांसप्लांट का काम किया गया. सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम देने के बाद अब माँ और बेटा दोनों स्वस्थ हैं और बच्चे को अस्पताल से डिस्चार्ज भी कर दिया गया है.
लिवर का बड़ा हिस्सा हो चुका था खराब
डॉ. पुनीत सिंगला ने बताया कि बच्चे के लिवर का काफी सारा हिस्सा कीड़े के इंफेक्शन से खराब हो चुका था. कीड़े के कारण आसपास की नसों में भी काफी नुकसान पहुंचा था. ऑपरेशन के द्वारा पूरा खराब लिवर तो निकाला ही गया. साथ ही, कीड़े के सारे अवशेष भी निकाले गए. इसके अलावा, कीड़े ने पेट की मोटी नस के संक्रमित एक बड़े हिस्से को खराब कर दिया था. उसे भी बाहर निकाल दिया गया और उसके स्थान पर एक आर्टिफिशियल नस लगा दी गई. अगर समय रहते इसका इलाज नहीं किया जाता, तो यह मरीज को और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता था.