अंबाला, Career Tips | अगर आपने भी इस बार 10वीं या 12वीं कक्षा की परीक्षा दी है. अब आप कोई ऐसा क्षेत्र चुनना चाहते हैं, जिसमें आपको जल्दी जॉब मिले तो आपको हमारी खबर जरूर देखनी चाहिए. आज हम आपके लिए एक ऐसी जानकारी लेकर आए हैं, जो आपको अच्छा करियर देने में मदद करेगी.
ऑफर करवा रहा कोर्स
10वीं और 12वीं कक्षा पास करने के बाद हर विद्यार्थी के सामने यह समस्या आती है कि अब वह आगे क्या करें. अभी से एडमिशन भी शुरू हो चुके है और विद्यार्थी अलग- अलग स्ट्रीम में दाखिला भी ले रहे हैं. कई बार स्टूडेंट्स यह नहीं समझ पाते हैं कि उन्हें किस फील्ड में आगे जाना चाहिए. इन दिनों अंबाला शहर का राजकीय बहुतकनिकी संस्थान बच्चों को बहुत से कोर्स ऑफर करवा रहा हैं.
1988 में शुरू हुई थी ब्रांच
इनमें इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन डिप्लोमा भी काफी ज्यादा पॉपुलर है, क्योंकि इसमे हर साल बच्चे बड़ी- बड़ी कंपनियों में जॉब हासिल कर रहे हैं. जो अपना खुद का सेटअप करना चाहता है वह मेक इन इंडिया के तहत अपना स्वयं का सेट अप भी लगा रहें है. यहां के प्रिंसिपल डॉ. राजीव सपरा ने जानकारी दी कि इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन ब्रांच को 1988 में शुरू किया गया था. तब से लेकर अब तक इस डिप्लोमा की पापुलैरिटी कम नहीं हुई है.
डिमांड में यह डिप्लोमा
बच्चे इस डिप्लोमा को करके बड़ी- बड़ी कंपनियों में जॉब कर रहे हैं. उनका कहना है कि यह डिप्लोमा काफी ज्यादा डिमांड में है. शुरुआती दिनों में ही इस डिप्लोमा की ज्यादातर सीट भर जाती हैं. इस डिप्लोमा के डिमांड इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की तरफ से शुरू किए गए मेक इन इंडिया के कारण पहले जो पेन ड्राइव चिप्स चीन में बनती थी. अब वह भारत में ही बनाई जा रही है. उन्होंने बताया कि नोकिया सैमसंग, एप्पल जैसी बड़ी- बड़ी कंपनियां अपने इलेक्ट्रॉनिक पार्ट की फैक्ट्रियां स्थापित रही है.
मेरिट के आधार पर होगा एडमिशन
इनमें इस डिप्लोमा को करने वाले बच्चों की काफी आवश्यकता होती है. इस कोर्स की विशेषता यह है कि इसके लिए 10वीं पास बच्चे आवेदन कर सकते हैं. इस डिप्लोमा में दाखिला मेरिट के आधार पर होता है. यदि कोई बच्चा 12वीं के बाद इस डिप्लोमा को करना चाहता है, तो सबसे पहले उसे आईटीआई करनी आवश्यक होती है. इसके अलावा, नॉन मेडिकल का बच्चा भी इस डिप्लोमा को कर सकता है. कोर्स की अवधि 3 साल की होती है और डिप्लोमा के दौरान बच्चों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है ताकि वह आसानी से नौकरी प्राप्त कर सकें.
