चंडीगढ़ | मानसूनी सीजन में जलभराव की स्थिति को लेकर हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने गंभीरता दिखाई है. इसी कड़ी में सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रृति चौधरी ने जिलावार बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं की रिपोर्ट ली, जिसमें सामने आया कि अभी तक विभिन्न स्थानों पर जलभराव और बाढ़ से निपटने के पूरे इंतजाम नहीं हो पाए हैं.
जलभराव पर जिम्मेदार होंगे अधिकारी
सिंचाई मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि मानसून सिर पर हैं लेकिन अभी भी कई जिलों में जलभराव से निपटने की तैयारियां आधी-अधूरी है. उन्होंने कहा कि अगर विभागीय अधिकारियों की लापरवाही से किसी शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न होती है तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा.
विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी संभाल रहे आईएएस अधिकारी मोहम्मद शाइन और इंजीनियर इन चीफ राकेश चौहान के साथ सूखा राहत एवं बाढ़ नियंत्रण बोर्ड की बैठक में लिए गए फैसलों की समीक्षा करते हुए श्रृति चौधरी ने कहा कि सभी परियोजनाओं को समय रहते पूरा किया जाए.
पूरी गंभीरता से काम करें अधिकारी
उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के पंप, मोटर, पैनल आदि की खरीद और पाइपलाइन बिछाने, ड्रेन की सफाई व सीवरेज की सफाई जैसे कार्य मानसून से पहले पूरे हो जाने चाहिए. इस महीने के आखिर तक ड्रेनों की सफाई का काम पूरा किया जाना है और इसको लेकर अधिकारी और कर्मचारी पूरी गंभीरता दिखाएं. श्रृति चौधरी ने कहा कि सड़कों पर जलभराव से हादसे होने का अंदेशा बना रहता है. ऐसे में इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए समय रहते तमाम व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होगी.
