चंडीगढ़ की सड़कों से गायब होंगी पुरानी डीजल बसें, इलेक्ट्रिक बसों की तैयारी जारी

चंडीगढ़ | राजधानी चंडीगढ़ की सड़कों से जल्द ही धुआं उगलती पुरानी डीजल बसें गायब होने वाली हैं. शहर के परिवहन तंत्र में एक बड़ा बदलाव आने वाला है, क्योंकि चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (CTU) नवंबर 2025 से 12 मीटर लंबाई वाली 100 डीजल बसों को रिटायर करने जा रहा है. इन बसों को हटाने का फैसला इसलिए अहम है, क्योंकि ये बसें पर्यावरण के लिहाज से सुरक्षित हैं. इन बसों का संचालन मुख्य रूप से चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला के बीच होता है, जहां रोजाना हजारों यात्री सफर करते हैं.

CTU Shuttle Bus

CTU के मुताबिक, चंडीगढ़ में आने- जाने वालों में 70 फीसदी लोग उनकी बस सेवाओं को प्राथमिकता देते हैं. खासकर मोहाली और पंचकूला से शहर आने वाले कामकाजी लोग इन बसों पर निर्भर हैं. ऐसे में बसों की संख्या घटाने से पहले विकल्प तैयार करना जरूरी है.

प्रशासन ने भेजा प्रस्ताव

सीटीयू प्रशासन ने केंद्र सरकार के पास 100 नई इलेक्ट्रिक बसों का प्रस्ताव भेजा. हालांकि, अभी तक प्रस्ताव को हरी झंडी नहीं मिली है. गृह मंत्रालय की ओर से केवल अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) मिला है, लेकिन अंतिम स्वीकृति वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग से मिलनी बाकी है. वर्तमान में सीटीयू को 12 मीटर लंबाई की सिर्फ 39 बसों से ही काम चलाना पड़ेगा. इस समय सीटीयू के बेड़े में कुल 437 बसें हैं, जिनमें से 298 मीटर और 139 बारह मीटर लंबी हैं. बारह मीटर की बसों में एक साथ 80 से अधिक यात्री बैठ सकते हैं.

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कंडक्टरों ने दी यह जानकारी

सीटीयू के ड्राइवर और कंडक्टरों ने बताया कि शहर के भीतर जितनी सवारियां नहीं होतीं, उससे कहीं ज्यादा भीड़ बाहरी रूट पर होती है. इसलिए यदि समय रहते नई बसें नहीं आतीं, तो न केवल यात्रियों को दिक्कत होगी बल्कि सीटीयू के किराए पर भी सीधा असर पड़ेगा.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.