हिसार | हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन लाल खीचड़ ने ताजा मौसम पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया कि मानसून टर्फ़ की उत्तरी सीमा फिरोजपुर, करनाल, मेरठ, वाराणसी, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है. साथ ही, यह सीमा हिमालय की तलहटी की ओर बढ़ रही है, जिसके चलते मानसून की सक्रियता में थोड़ी कमी आने की संभावना बनी हुई है.
आज हल्की से मध्यम बारिश के आसार
24 जुलाई को सुबह से ही राज्य के 6 जिलों हिसार, यमुनानगर, पंचकूला, कुरुक्षेत्र, झज्जर और चरखी दादरी में बादल छाए हुए हैं, जहां बारिश की संभावना बनी हुई है. मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार, आज सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, जींद, भिवानी, रोहतक, चरखी दादरी, झज्जर, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में 0 से 25%, जबकि कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात और पलवल में 25 से 50% बरसात की संभावना है. वहीं पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर और कैथल में 75 से 100% तक बारिश के आसार जताए गए हैं. इसी तरह 25 जुलाई को भी प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है.
आगे ऐसा रहेगा मौसम
इस कारण प्रदेश में 26 जुलाई तक बारिश की गतिविधियों में भी कमी देखने को मिलेगी. इस अवधि में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील बना रहेगा, लेकिन बीच-बीच में बादलवाही भी देखने को मिलेगी. नमी वाली हवाओं के कारण प्रदेश के उत्तरी जिलों में गरज- चमक के साथ कहीं- कहीं हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं. राज्य के पश्चिमी और दक्षिणी जिलों में आंशिक बादलवाही रहेगी, कुछ क्षेत्रों में हल्की बूँदाबाँदी या हल्की बारिश हो सकती है.
इससे दिन के तापमान और वातावरण में नमी दोनों की मात्रा बढ़ेगी. 27 जुलाई से मानसून की सक्रियता फिर से बढ़ने के आसार हैं. इसके बाद, 28 जुलाई से राज्य में बारिश की गतिविधियों में इजाफा होने की संभावना है.
