हांसी में 35 दिन का धरना रंग लाया, सरकार ने मानी मांग

हांसी | भाखड़ा के पानी को लेकर पिछले 35 दिनों से चल रहा गांव चैनत का आंदोलन अब समाप्ति की ओर है. सरकार ने ग्रामीणों की मुख्य मांग मान ली है और हांसी के लिए बिछाई जा रही पेयजल पाइपलाइन से गांव को टी- प्वाइंट देकर पानी उपलब्ध कराने पर सहमति जता दी है. सरकार और प्रशासन की ओर से सरपंच एसोसिएशन के पूर्व प्रधान सोमेश कुमार धरना स्थल पर पहुंचे और ग्रामीणों के सामने मांग मंजूर होने की घोषणा की. इसके बाद, धरना स्थल पर खुशी का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने सोमेश कुमार को कंधों पर उठा लिया और थाली व तालियां बजाकर जीत का जश्न मनाया.

SARPANCH

धरना तभी समाप्त किया जाएगा, जब जमीन पर काम शुरू होता दिखाई देगा. देर शाम ठेकेदार की ओर से पेयजल कनेक्शन का कार्य शुरू कर दिया गया. इसके बाद, समिति ने संकेत दिए हैं कि रविवार को धरना समाप्त करने की घोषणा की जा सकती है.

आमरण अनशन पर बैठे थे ग्रामीण

सोमेश कुमार ने बताया कि सरकार ने ग्रामीणों की मांग स्वीकार कर ली है और हांसी पेयजल लाइन से ही गांव चैनत के लिए टी-प्वाइंट जोड़ा जाएगा. इससे गांव को भी पेयजल आपूर्ति मिल सकेगी. आंदोलन के दौरान गांव के पांच बुजुर्ग ग्रामीण पिछले 10 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे हुए थे. इनमें टेकराम दूहन, बलवान दूहन, राजकुमार खगनवाल, जय नारायण और दिलबाग दूहन शामिल हैं. अनशनकारियों ने शपथ पत्र देकर कहा था कि उनके साथ किसी भी अनहोनी की जिम्मेदारी प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी. वहीं, प्रशासन ने भी चेतावनी दी थी कि यदि अनशनकारियों को कोई नुकसान पहुंचता है तो संघर्ष समिति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है.

जानें पूरा विवाद?

सरकार की अमृत योजना के तहत करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से राजली हेड से हांसी तक लगभग 30 किलोमीटर लंबी पेयजल पाइपलाइन बिछाई जा रही है. यह परियोजना हांसी शहर की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाई गई थी. ग्रामीणों का कहना था कि जब पाइपलाइन उनके गांव चैनत से होकर गुजर रही है तो उन्हें भी इसका लाभ मिलना चाहिए. इसी मांग को लेकर 16 मई से आंदोलन शुरू हुआ था.

आंदोलन के दौरान बढ़ा था टकराव

धरने के दौरान भाजपा विधायक विनोद भयाना को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा. बाद में ग्रामीणों ने पाइपलाइन उखाड़ने का प्रयास किया और हांसी-बरवाला रोड जाम कर दिया. इस मामले में 31 किसान नेताओं के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज की गई. एफआईआर के विरोध में किसानों ने 18 जून को करीब 250 ट्रैक्टरों के साथ ट्रैक्टर मार्च निकाला था जिससे हांसी शहर में कई स्थानों पर जाम की स्थिति बन गई थी. अब सरकार की सहमति के बाद लंबे समय से चला आ रहा यह विवाद सुलझता नजर आ रहा है.

Avatar of Sanjucta Pandit
Sanjucta Pandit
View all posts

मेरा नाम संयुक्ता पंडित है. मै हरियाणा ई खबर में बतौर कंटेंट एडिटर के पोस्ट पर लगभग 4 सालों से काम रही हूँ. मेरी हमेशा कोशिश रहती है आप लोगो तक ब्रेकिंग न्यूज़ जल्द से जल्द अपडेट करूं और न्यूज़ में कोई व्याकरण की गलती न हो.