हरियाणा: DSC समाज की बैठक में उठा मेडिकल सीटों और फर्जी प्रमाण पत्रों का मुद्दा, सरकार से की कड़ी कार्रवाई की मांग

रेवाड़ी | धारूहेड़ा चुंगी के समीप बाल्मीकि आश्रम में DSC समाज के पदाधिकारी और प्रबुद्ध लोगों की एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई. इस दौरान प्रधान विजय सिंह इंदोरा ने कहा कि पिछले साल उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति के आरक्षण में वर्गीकरण को मान्यता दी गई थी जिसके आधार पर सरकार द्वारा डीएससी वर्ग के लिए नौकरियों में 10 फीसदी अलग आरक्षण की व्यवस्था की थी.

DSC Baithak

लोग बनवा रहे फर्जी प्रमाण पत्र: इंदोरा

उन्होंने कहा कि अब देखने को मिल रहा है कि ओएससी समाज के कुछ लोग मेघवाल जाति के फर्जी प्रमाण पत्र बनवाकर आरक्षण का लाभ लेने का प्रयास कर रहे हैं जिससे असली पात्र लोगों के हक मारे जा रहे हैं. उन्होंने सरकार से ऐसे लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की. साथ ही हरियाणा में आरक्षण प्रणाली को मजबूत ढंग से लागू करने के लिए फर्जीवाड़े पर अंकुश लगाना जरूरी बताया.

मेडिकल कॉलेज और सीटों पर उठाया सवाल

बैठक में मौजूद वक्ताओं ने कहा कि गत वर्ष डॉक्टर्स डे पर सरकार द्वारा हरियाणा में 3400 MBBS और MD सीटें बढ़ाने का ऐलान किया गया था. वर्तमान में 15 कॉलेज में नए मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं लेकिन अभी तक NEET UG MBBS 2025 सीट अलॉटमेंट की पहली सूची में इन्हें शामिल नहीं किया गया है.

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उन्होंने कहा कि सुपर 100 जैसी योजनाओं के बावजूद गरीब और मध्यम वर्गीय परिवार के मेधावी बच्चों को मजबूरी में प्राइवेट कॉलेज में मोटी फीस देकर दाखिला लेना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं पर कार्य किया गया था लेकिन वह भी नाकाफी रहे. यदि दूसरे और तीसरे राउंड की काउंसलिंग से पहले सरकार नारनौल, भिवानी और करनाल में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत कर देती है तो इससे मेधावी छात्रों को फायदा मिलेगा.

प्रमाण पत्रों की जांच की मांग: समिति

डीएससी संघर्ष समिति द्वारा सरकार से आग्रह करते हुए कहा कि एमबीबीएस 2025 की दाखिला प्रक्रिया के दौरान खासतौर पर डीएससी प्रमाण पत्र की गहन तौर पर जांच की जाए. उन्होंने आशंका जताई कि कई फर्जी उम्मीदवार जाली और नकली प्रमाण पत्र के सहारे आरक्षण का लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं. इस विषय में प्रदेश सरकार को इससे पहले भी ज्ञापन सौंपा जा चुका है.

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं प्रेस नोट पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.

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Nisha Tanwar
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