चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की तरफ से 9वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ई- अधिगम योजना शुरू की गई थी. सरकार की इस योजना के तहत नौवीं से 12वीं तक के छात्रों को टैबलेट दिए गए थे. सरकार ने इन्हें वापस ले लिया है. अब किसी बच्चे को सरकार टैबलेट प्रदान नहीं करेगी.
इसलिए लिया गया फैसला
इसके पीछे सरकार का कहना है कि टैबलेट के दुरुपयोग व पढ़ाई पर इसके नेगेटिव इफेक्ट की शिकायत के बाद यह निर्णय किया गया है. दूसरी तरफ विपक्ष का मानना है कि स्कूलों में इंटरनेट और बिजली की परेशानी है, इसलिए सरकार को अपनी योजना को वापस लेना पड़ रहा है. कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए लगभग पांच लाख छात्रों को फ्री टैबलेट और 2जीबी डाटा उपलब्ध कराया गया था.
यहां इस्तेमाल हो रहे टैबलेट
इस पर करीबन 620 करोड़ रुपये खर्च हुए थे, पर अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा लगातार शिकायतें की जा रही थीं कि बच्चे टैबलेट का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए करने की बजाय गेम खेलने, फिल्म देखने और आपत्तिजनक वेबसाइट्स खोलने में कर रहे हैं. कई छात्रों ने भी यह माना कि टैबलेट मिलने के बाद पढ़ाई में उनकी रुचि कम हुई है. यही कारण है कि सरकार ने सभी टैबलेट वापस ले लिए है.
मैथ ओलंपियाड से टैबलेट को जोड़ने की संभावना
हरियाणा सरकार ने इस बार के बजट में मैथ ओलिंपियाड की शुरुआत करने का निर्णय लिया है. टैबलेट को इस ओलिंपियाड से जोड़ने की संभावना हो सकती है. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) को भी लेटर लिखकर पूछा जाएगा कि क्या वे परीक्षा में टैबलेट के इस्तेमाल को शामिल करना चाहेंगे. स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि वे गैर- बोर्ड परीक्षाओं में टैबलेट के इस्तेमाल की रूपरेखा बनाएं.
