नई दिल्ली | साउथ दिल्ली में अब ट्रैफिक जाम को खत्म करने की योजना तैयार की जा रही है. इसके लिए कालकाजी और मोदी मिल के पास फ्लाईओवर बनाया जा रहा है. मिली जानकारी के अनुसार, PWD विभाग द्वारा दोनों फ्लाईओवर बनाने के लिए मिट्टी की जांच और भू- तकनीकी सर्वे का काम शुरू हो चुका है. इसी कड़ी में फ्लाईओवर की नींव के लिए सुरक्षित वहन क्षमता और उचित डिजाइन तैयार करने के लिए गहरे बोरवेल खोद कर मिट्टी के सैंपल लिए जा रहे हैं.
412 करोड़ रुपए खर्च
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मंजूरी मिलने के बाद निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी जाएगी. परियोजना को लेकर मोदी मिल के पास मशीनें लगा दी गई हैं, ताकि जमीन के अंदर की स्थिति की जांच की जा सके. इस दौरान मिट्टी में चट्टान की मौजूदगी की गहराई देखी जा रही है. इसकी जांच के लिए सैंपल लैब में भेजे जाएंगे.
इस परियोजना के तहत, बाहरी रिंग रोड पर मोदी मिल और सावित्री सिनेमा के सामने नए फ्लाईओवर बनाए जाएंगे. लोक निर्माण विभाग द्वारा 412 करोड़ रुपए की इस परियोजना को दिल्ली के दक्षिणी हिस्से में ट्रैफिक की समस्या को कम करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है.
जाम की समस्या से राहत
सावित्री सिनेमा के सामने बने फ्लाईओवर और कालकाजी मंदिर के पास के सिंगल फ्लाईओवर को डबल किया जाएगा. मोदी मिल के पास रेलवे लाइन पर बने फ्लाईओवर को इस फ्लाईओवर के साथ जोड़ा जाएगा. वर्तमान में सावित्री सिनेमा के पास मोदी मिल से IIT की तरफ जाने के लिए साल 2011 में डेढ़ किलोमीटर लंबा सिंगल फ्लाईओवर बनाया गया था. IIT से मोदी मिल की तरफ के लिए फ्लाईओवर नहीं है, जिस कारण यहां पर जाम की स्थिति बनी रहती है.
बीते 15 सालों से यहां फ्लाईओवर की मांग की जा रही है. ऐसा माना जा रहा है कि फ्लाईओवर के बन जाने के बाद चित्तरंजन पार्क, ग्रेटर कैलाश, चिराग दिल्ली, कालकाजी और नेहरू प्लेस आदि इलाकों में यातायात व्यवस्था सुचारू रूप से चल पाएगी.
