नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार मिडिल क्लास को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से निरंतर कई राहत भरे फैसले ले रही है. सरकार ने पहले इनकम टैक्स के मोर्चे पर राहत प्रदान की थी और अब GST के स्लैब में बदलाव कर मिडिल क्लास को बड़ी सौगात दी है. इससे पहले सरकार मिडिल क्लास के एक खास वर्ग को PM आवास योजना के जरिए भी राहत दे चुकी है.
करोड़ों रुपए की सब्सिडी का लाभ
केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त महीने में प्रधानमंत्री आवास योजना- शहरी (PMAY- U 2.0) को मंजूरी प्रदान की थी. इस योजना का लक्ष्य अगले 5 सालों में शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 1 करोड़ घर बनाना है. इस योजना में 10 लाख करोड़ का निवेश और 2.30 लाख करोड़ की सरकारी सब्सिडी शामिल हैं.
इन्हें मिलेगा योजना का लाभ
यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), निम्न आय वर्ग (LIG) और मध्यम आय वर्ग (MIG) के उन परिवारों के लिए है जिनके पास देश में कहीं भी पक्का घर नहीं है. बता दें कि EWS परिवार में सालाना आमदनी 3 लाख रुपए तक, LIG परिवार में सालाना आय 3 लाख से 6 लाख तक है. इसके अलावा, MIG परिवार में सालाना आमदनी 6 लाख से 9 लाख रूपए तक हैं.
इस योजना में 4 कंपोनेंट हैं. ये कंपोनेंट लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण (BLC), साझेदारी में किफायती आवास (AHP), किफायती किराये का आवास (ARH) और ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) हैं. ISS वर्टिकल के तहत EWS/ LIG और MIG परिवारों के लिए 25 लाख तक के होम लोन पर 4% ब्याज सब्सिडी दी जाती है. यह सब्सिडी 5 वार्षिक किश्तों में दी जाएगी, जिसकी अधिकतम सब्सिडी 1.80 लाख रुपए होगी.
इन लोगों पर विशेष फोकस
इस योजना में झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वालों, अनुसूचित जातियों/ जनजातियों, अल्पसंख्यकों, विधवाओं, विकलांग व्यक्तियों और समाज के अन्य वंचित वर्गों सहित हाशिए पर रहने वाले समूहों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. सफाई कर्मी, रेहड़ी- पटरी वाले, कारीगर, आंगनवाड़ी वर्कर्स और झुग्गी- झोपड़ियों/ चॉलों में रहने वाले लोगों जैसे समूहों को इस योजना के तहत विशेष सहायता राशि का लाभ दिया जाएगा.
