चंडीगढ़ | हरियाणा में अनियमित औद्योगिक कालोनियों को नियमित करने का बिल पास कर चुकी नायब सैनी सरकार अब राज्य में 10 नए औद्योगिक शहर (IMT) बसाने की दिशा में तेजी से प्रयासरत है. इन नये औद्योगिक शहरों को बसाने में राज्य के किसान भी काफी रुचि दिखा रहे हैं. प्रदेश सरकार को किसानों से करीब 30 हजार एकड़ जमीन बेचने के प्रस्ताव मिल चुके हैं.
बजट में हुई थी घोषणा
किसानों ने औद्योगिक शहर बसाने के लिए ई- भूमि पोर्टल पर स्वेच्छा से अपनी जमीन सरकार को बेचने की पेशकश की है. राज्य सरकार इन जमीन की बिक्री के प्रस्तावों का अध्ययन कराने में लगी है, ताकि उनका मोल- भाव तय कर जमीन की खरीद को अंतिम रूप दिया जा सके.
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने वित्त वर्ष 2025- 26 के बजट में IMT खरखौदा की तर्ज पर 10 नई औद्योगिक माडल टाउनशिप (IMT) बनाने की घोषणा की थी. इनमें से 9 IMT के लिए जगह फाइनल हो चुकी हैं. 6 नई IMT तैयार होंगी, जबकि 3 को विस्तार दिया जाएगा. अंबाला, नारायणगढ़, पलवल, जींद, रेवाड़ी और राई में नई आईएमटी विकसित की जाएगी. सोहना में पूर्व से संचालित आईएमटी का 1500 एकड़ में विस्तार होगा. आईएमटी खरखौदा का करीब 6 हजार एकड़ में विस्तार किया जायेगा. बावल आईएमटी का करीब 5 हजार एकड़ जमीन में विस्तार किया जाएगा.
अंतिम रूप देने में जुटे अधिकारी
सीएम नायब सैनी की इस योजना को उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के बड़े अधिकारी धरातल पर अमलीजामा पहनाने में जुटे हुए हैं. उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर, सीएम के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर और प्रधान सचिव अरुण गुप्ता की देखरेख में पूरी कार्ययोजना तैयार की जा रही है. उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के चीफ कार्डिनेटर सुनील शर्मा को किसानों के जमीन बेचने संबंधी प्रस्तावों पर पूरी कार्य योजना बनाने को कहा गया है.
जमीन की स्क्रूटनी का काम चल रहा है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि संबंधित जमीन आईएमटी के लिए कितनी उपयोगी है. जमीन की उपयोगिता के हिसाब से उसकी कीमत तय की जाएगी. सरकार की योजना 3 माह में इन औद्योगिक माडल टाउनशिप को संचालित करने की है.
