चंडीगढ़ | हरियाणा की अनाज मंडियों में खरीफ फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बिक्री जारी है. इसी कड़ी में धान की फसल का आंकड़ा देखें, तो अब तक 7 लाख 20 हजार टन धान खरीद हो चुकी है. इसकी एवज में किसानों के बैंक अकाउंट में 543.66 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है.
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर रजिस्टर्ड 63,356 किसानों से सरकारी खरीद एजेंसियों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान की फसल को खरीदा है. अब तक प्रदेश भर की मंडियों में कुल 8 हजार 92 हजार 943 टन धान की आवक हुई है.
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग
प्रदेश भर की मंडियों से अब तक 3 लाख 10 हजार 821 टन धान का उठान हो चुका है. खरीफ खरीद सीजन 2025 के दौरान 22 सितंबर से अब तक धान की सबसे ज्यादा खरीद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से की गई है. विभाग ने अब तक 4 लाख 25 हजार 680 टन धान की खरीद की है.
वहीं, हैफेड द्वारा 2 लाख 9 हजार 796 टन और हरियाणा राज्य भंडारण निगम द्वारा 84,548 टन धान को MSP पर खरीदा जा चुका है. प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने किसानों से आग्रह करते हुए कहा है कि वे अपनी फसल को मंडियों में लाने से पहले अच्छी तरह सुखाकर व साफ करके लाए, ताकि बेवजह की परेशानी से बचा जा सके.
17 फीसदी तक नमी की छूट
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित मापदंडों के तहत धान में नमी की मात्रा 17% निर्धारित की गई है. प्रदेश की खरीद संस्थाओं द्वारा मंडियों में धान की सरकारी खरीद के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. मंडियों में फसल लेकर आने वाले किसानों के लिए मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है. वहीं, सूबे की नायब सैनी सरकार द्वारा भी सरकारी खरीद एजेंसियों को धान के त्वरित उठान के आदेश दिए गए हैं.
