झज्जर | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे बहादुरगढ़ से एक अच्छी खबर सामने आई है. यहां शहर में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने और दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए प्रस्तावित उत्तरी बाईपास प्रोजेक्ट पर काम तेज गति से आगे बढ़ रहा है. इस प्रोजेक्ट के पहले चरण का निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है और दूसरे चरण की तैयारियां शुरू हो चुकी है.
बहादुरगढ़ से 3 हजार पेड़ों की होगी कटाई
दूसरे चरण का काम शुरू होने से पहले वन विभाग ने मुंगेशपुर ड्रेन क्षेत्र में खड़े करीब 3 हजार पेड़ों की कटाई के लिए 1.29 करोड़ रुपए का बजट मांगा है. सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता ने बताया कि बजट राशि का प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया गया है और वहां से मंजूरी मिलते ही यह धनराशि वन विभाग को सौंप दी जाएगी, जिसके बाद पेड़ों की कटाई शुरू हो जाएगी.
इस प्रोजेक्ट के दूसरे चरण में अनुमानित लागत राशि 125 करोड़ रुपए आंकी गई है. इसमें रिटेनिंग दीवार, सड़क निर्माण, बिजली व्यवस्था और रेलवे ओवरब्रिज निर्माण कार्य शामिल हैं. इस चरण में सड़क मार्ग सेक्टर- 9 बाईपास से नाहरा- नाहरी रोड तक लगभग 2.5 किलोमीटर लंबा रहेगा. वहीं, पहले चरण में 225 करोड़ रुपए की लागत राशि से आसौदा से नाहरा- नाहरी रोड तक करीब 9 किलोमीटर लंबी सड़क तैयार की गई है.
6 करोड़ रुपए का अतिरिक्त एस्टिमेट
इस प्रोजेक्ट को नाहरा- नाहरी रोड से जोड़ने के लिए 6 करोड़ रुपए का अतिरिक्त एस्टिमेट बनाया गया है. यह बामनौली से आने वाले वाहनों को सीधी कनेक्टिविटी प्रदान करेगा. इन वाहनों को नाहरा- नाहरी रोड पर शहर की ओर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
बता दें कि बहादुरगढ़ शहर में दक्षिण बाईपास बना हुआ है और साल 2018 में उत्तरी बाईपास की मांग उठाई गई तो प्रदेश सरकार की घोषणा पर इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हुआ था. अब दूसरे चरण के लिए एस्टिमेट का बजट स्वीकृत होते ही टेंडर जारी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा.
