हरियाणा में 1 नवंबर से ऑनलाइन होगा जमीन का डीड रजिस्ट्रेशन, दफ्तरों की भागदौड़ से मिलेगा छुटकारा

चंडीगढ़ | जमीन की रजिस्ट्री ऑनलाइन शुरू होने के बाद अब हरियाणा दिवस यानि 1 नवंबर से डीड रजिस्ट्रेशन भी आनलाइन किया जाएगा. बता दें कि कुरूक्षेत्र जिले की बबैन उपतहसील में यह पायलट प्रोजेक्ट पूरी तरह से सफल रहा था और अब अगले चरण में 28 अक्टूबर से यमुनानगर, अंबाला, करनाल, जींद, फतेहाबाद, झज्जर, रेवाड़ी, महेन्द्रगढ़, फरीदाबाद और पलवल में इसकी शुरुआत होगी.

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1 नवंबर से पंचकूला, पानीपत, सोनीपत, कैथल, सिरसा, हिसार, रोहतक, भिवानी, चरखी दादरी, गुरुग्राम और नूंह जिले में इस नई प्रणाली की शुरुआत हो जाएगी.

क्या है डीड?

जमीन की डीड (जैसे सेल डीड) वह कानूनी दस्तावेज है जो संपत्ति के स्वामित्व को एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को ट्रांसफर करता है. रजिस्ट्री उस दस्तावेज को सरकारी कार्यालय (उप- पंजीयक कार्यालय) में पंजीकृत करने की प्रक्रिया है, ताकि यह कानूनी रूप से मान्य हो जाए और सार्वजनिक रिकॉर्ड का हिस्सा बन जाए.

वित्त आयुक्त राजस्व डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि ऑनलाइन डीड रजिस्ट्रेशन के लिए eregistration.revenueharyana.gov.in पोर्टल पर लॉगिन किया जा सकता है. इस नई प्रणाली के शुरू होने पर मौजूदा पुरानी प्रणाली को स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा. इस सुविधा के बाद हरियाणा देश में 100% कागज रहित संपति पंजीकरण प्राप्त करने वाला पहला राज्य बन जाएगा.

उन्होंने बताया कि प्रदेश की जनता सुरक्षित OTP प्रमाणीकरण के माध्यम से अपनी पहचान पंजीकृत और सत्यापित कर सकते हैं. ग्रामीण क्षेत्रों, नगरपालिका सीमा के भीतर शहरी क्षेत्रों और नगरपालिका सीमा के बाहर शहरी क्षेत्रों के लिए अलग- अलग वर्क फ्लो डिजाइन किए गए हैं. इस नई प्रणाली में कृषि और गैर कृषि सहित अन्य सभी प्रकार की संपत्ति को समायोजित किया गया है.

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केवल एक बार आना होगा सरकारी दफ्तर

यह पोर्टल एक मजबूत त्रि- स्तरीय सत्यापन प्रणाली का उपयोग करता है, जिसमें रजिस्ट्रेशन क्लर्क-1 (RC1), रजिस्ट्रेशन क्लर्क-2 (RC2) और उप- पंजीयक शामिल हैं. प्रत्येक चरण में डिजिटल हस्ताक्षर प्रमाणीकरण, पक्षों और गवाहों का फोटो सत्यापन, आवेदकों को स्वचालित स्थिति सूचनाएं और सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान शामिल हैं.

ऑनलाइन सत्यापन के बाद लोगों को केवल एक बार अंतिम बायोमेट्रिक सत्यापन और विलेख निष्पादन के लिए रजिस्ट्रेशन कार्यालय पर पहुंचना होगा. उप- पंजीयक द्वारा अनुमोदन के बाद सिस्टम स्वचालित रूप से पंजीकृत दस्तावेज की 3 प्रतियां तैयार करता है. 1 नागरिक के लिए, एक आधिकारिक रिकार्ड के लिए और एक इलेक्ट्रानिक रूप से पटवारी को तत्काल नामांतरण और भूमि रिकॉर्ड अपडेट के लिए.

मत खरीदे नए स्टांप पेपर

प्रदेश सरकार ने लोगों और संपति डीलर्स से आग्रह किया है कि इस समय नए स्टांप पेपर की खरीद मत करें क्योंकि कागज रहित प्रणाली भौतिक स्टांप की आवश्यकता को समाप्त कर देगी. हालांकि पहले से खरीदे गए स्टांप पेपर संबंधित जिलों में सिस्टम के लांच होने के 1 सप्ताह के भीतर इस्तेमाल किए जा सकेंगे. इस नई प्रणाली के बारे में तकनीकी सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1800-180-2137 या nodalofficer-it@revhry.gov.in पर ई-मेल भेज सकते हैं.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.