रोहतक | रविवार यानी कल की रात भारत की बेटियों ने इतिहास रच दिया है. बता दें कि दक्षिण अफ्रीका की टीम को हराकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 2025 वनडे वर्ल्ड कप जीत लिया है. भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका की महिला टीम को 52 रन से हराकर इस ऐतिहासिक उपलब्धि को हासिल किया है. वहीं, महिला वनडे वर्ल्ड कप की बात करें तो 24 साल बाद कोई नया देश वनडे वर्ल्ड कप चैंपियन बना है. इस जीत में हरियाणा की बेटी शेफाली वर्मा का महत्वपूर्ण योगदान रहा है.
जीत में निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
हरियाणा के रोहतक शहर की रहने वाली शेफाली वर्मा ने भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत में अहम भूमिका निभाई है. उन्होंने फाइनल मुकाबले में टीम के लिए सबसे ज्यादा 87 रनों की जोरदार पारी खेली. सिर्फ बल्लेबाजी ही नहीं बल्कि गेंदबाजी करते हुए भी उन्होंने साऊथ अफ्रीका टीम के 2 खिलाड़ियों को आउट किया. उनके इस शानदार खेल की बदौलत उन्हें फाइनल मुकाबले में मैन ऑफ द मैच के खिताब से नवाजा गया है.
बता दें कि शेफाली वर्मा वनडे वर्ल्ड कप के लिए चुनी गई भारतीय महिला टीम में शामिल नहीं थी. लेकिन सेमीफाइनल मैच से पहले प्रतिका रावल के चोटिल होने पर उन्हें टीम में शामिल किया गया था. फाइनल मुकाबले में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए शेफाली वर्मा ने अपने चयन को सौ फीसदी सही साबित कर दिखाया.
सचिन तेंदुलकर से सीखा खेलना
शेफाली वर्मा ने बताया कि रोहतक के लाहली क्रिकेट स्टेडियम में सचिन तेंदुलकर को खेलता देखकर क्रिकेट खेलने का जुनून सवार हुआ था. हजारों लोगों की भीड़ ‘सचिन- सचिन’ चिल्ला रही थी, तभी उन्होंने क्रिकेटर बनने का फैसला ले लिया था. उन्होंने बताया कि उनके इस सपने को पूरा करने में उनके पिता ने हर कदम पर साथ निभाया. उनकी बदौलत ही आज वह इस मुकाम तक पहुंची है. उनके पिता की देखरेख में ही क्रिकेट का प्रशिक्षण हासिल किया.
साल 2019 में मात्र 15 साल की आयु में शेफाली वर्मा ने अंतराष्ट्रीय मैच में डेब्यू किया था. उनकी कप्तानी में ही U-19 भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने विश्व कप विजेता बनने का गौरव हासिल किया था.
