हिसार | हरियाणा के एकमात्र हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट से एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां आज डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) की टीम जांच के लिए पहुंचेगी. यह टीम दो दिन तक हिसार एयरपोर्ट पर रहेगी. लाइसेंस को अपग्रेड को लेकर किए गए आवेदन के बाद यह निरीक्षण किया जा रहा है. टीम एयरपोर्ट के रनवे की लाइटों की वेग चेक करेंगे. रात के समय अंधेरे में यह जांच होगी.
रनवे पर लाइटों का अप्रोच एंगल चेक किया जाएगा और अगर सब कुछ नियमों के अनुसार मिला, तो एयरपोर्ट के लाइसेंस को अपग्रेड किया जा सकेगा. इसके बाद यहां रात के समय या किसी भी तरह के मौसम में हवाई जहाजों की लैडिंग करवाई जा सकेगी. एयरपोर्ट के पास विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) का लाइसेंस है. महाराजा अग्रसेन हिसार एयरपोर्ट की तरफ से लाइसेंस अपग्रेड के लिए आवेदन किया गया था. इसे इंट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स के हिसाब से अपग्रेड कराना है. लाइसेंस मिलने के बाद यहां लाइट लैंडिंग की सुविधा शुरू हो जाएगी.
उपकरणों पर निर्भर
विजुअल फ्लाइट रूल्स के जरिए पायलट साफ मौरूम में उड़ान भरते समय जमीन और आसमान के दृश्य सकेतों का उपयोग करते है. यह IFR से अलग है, जहां उड़ान भरने के लिए उपकरणों पर निर्भर रहते है. VFR के तहत उड़ान भरते समय, पायलट को खुद यह सुनिश्चित करना होता है कि वह किसी बाधा या दूसरे विमान से ना टकराए.
इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) ऐसे नियमों का समूह है जो पायलटों को केवल अपने विमान के उपकरणों और वायु यातायात नियंत्रण की मदद से उड़ान भरने की अनुमति देता है. इसका मतलब है कि पायलट को उड़ान के लिए जमीन या आसमान के दृश्य संकेतों पर निर्भर नही रहना पड़ता, इसलिए वह खराब मौसम में भी सुरक्षित उड़ सकता है.
IFR के फायदे
एयरपोर्ट पर मौसम खराब होने की स्थिति में हवाई जहाज की लैंडिंग कराई जा सकेगी. रात के समय कम विजिबिलिटी में भी हवाई जहाज की लैंडिंग करना संभव हो सकेगा. कई ओर रूट पर हवाई सेवा शुरू होने के रास्ते खुल जाएंगे.
