नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान स्थित भारत मंडपम में 10 जनवरी से नौ दिवसीय विश्व पुस्तक मेले का आयोजन हो रहा है. पहले से अधिक बड़े आकार में लग रहे इस मेले में अबकी बार अलग- अलग भारतीय भाषाओं के करीब 1 हजार प्रकाशक भाग ले रहे हैं. वहीं, स्टॉल की संख्या भी 3 हजार के आसपास रहेगी. मेले की थीम भारतीय सेना के इतिहास पर हैं तो तीनों ही सेनाओं के अध्यक्ष मेले में शिरकत करेंगे.
दिल्ली पुस्तक मेले में मुफ्त रहेगी एंट्री
विश्व पुस्तक मेले में आने वाले लोगों से इस बार टिकट भुगतान के नाम पर कोई चार्ज नहीं वसूला जाएगा यानि एंट्री फ्री रहेगी. आईटीपीओ के साथ सहमति बनाकर भारतीय पुस्तक न्यास (NBT) ने पहली बार मेले में निशुल्क एंट्री का फैसला लिया है. यही नहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व पुस्तक मेले का उद्घाटन कर सकते हैं.
इस बार के विश्व पुस्तक मेले में 30 देशों की भागीदारी रहेगी. कतर को गेस्ट ऑफ ऑनर का दर्जा दिया गया है जबकि स्पेन को फोकस कंट्री बनाया गया है. अन्य भागीदार देशों में रूस, जापान, अर्जेंटीना, पोलैंड, संयुक्त अरब अमीरात, ईरान और लिथूनिया इत्यादि शामिल हैं. इसके अतिरिक्त, 11 देशों से विश्व पुस्तक मेले के निदेशक भी इस मेले में शिरकत करेंगे.
यह चीजें होंगी आकर्षण का केंद्र
विश्व पुस्तक मेले में 750 वर्ग मीटर जमीन पर किडन एक्सप्रेस के नाम से बाल मंडप तैयार किया जा रहा है. यहां पर विभिन्न विषयक बाल साहित्य प्रदर्शित होंगे. साथ ही, अनेक प्रकार की गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी. राष्ट्रीय ई- पुस्तकालय में डिजिटल प्लेटफार्म के जरिए 6 हजार से अधिक पुस्तकें नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएगी. वहीं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में देश- विदेश की विभिन्न प्रस्तुतियों के साथ आर्मी, नेवी व एयरफोर्स के बैंड भी अपनी प्रस्तुति देंगे.
ज्यादा से ज्यादा संख्या में लोग विश्व पुस्तक मेला देखने पहुंचे, इसीलिए इस बार एंट्री फ्री करने का फैसला लिया गया है. मेले को हर आयु वर्ग के हिसाब से उपयोगी बनाने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं- युवराज मलिक, निदेशक, NBT
