नई दिल्ली | खुद के घर का सपना पूरा करने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. इसे पूरा करना इतना आसान नहीं होता है लेकिन केंद्र की मोदी सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 इस दिशा में काफी राहत प्रदान करने वाली है. इस योजना के तहत, योग्य कर्जदार व्यक्ति को 25 लाख रुपए तक के होम लोन पर 1.80 लाख की सब्सिडी का लाभ मिल रहा है. बता दें कि यह सब्सिडी पांच वार्षिक किस्तों में दी जाती है और सीधे कर्जदार की लोन राशि में ट्रांसफर की जाती है जिससे बकाया मूलधन और ईएमआई कम हो जाती है.

घर का सपना होगा पूरा
3 लाख रुपए वार्षिक आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), 3- 6 लाख रुपए के बीच वार्षिक आय वाले (LIG) और 6- 9 लाख रुपए तक वार्षिक आय वाले परिवारों (MIG) के खरीदार, अन्य शर्तों के अधीन, इस योजना के तहत पात्र होंगे. सीधी सब्सिडी के अलावा टैक्स इंसेंटिव भी रीपेमेंट का दबाव कम करने में अहम रोल अदा करते हैं.
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24 (b) के तहत, कर्ज लेने वाले होम लोन के ब्याज पर हर साल 2 लाख रुपये तक की कटौती का दावा कर सकते हैं. सेक्शन 80C प्रिंसिपल रीपेमेंट पर डेढ़ लाख रुपये तक की कटौती की अनुमति देता है जिससे समय के साथ कर्ज लेने की असल लागत कम होती है.
इन्हें मिलेगी प्राथमिकता
यह योजना भारत के प्रमुख शहरी आवास मिशन का दूसरा चरण हैं जिसका लक्ष्य शहरों और कस्बों में सभी के लिए घर के सपने को पूरा करना है. इस योजना में विधवा, अकेली महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर्स, एससी- एसटी और अल्पसंख्यकों को प्राथमिकता दी जाती है. इस योजना के तहत, आवेदनकर्ता के पास देश में कहीं भी खुद का पक्का घर नहीं होना चाहिए और उन्हें निर्धारित आय सीमा के भीतर होना चाहिए.