नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली को इस साल 3 हाईटेक डबल डेकर फ्लाईओवर का तोहफा मिलेगा जिससे ट्रैफिक जाम की जकड़न दूर करने में मदद मिलेगी. दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के तहत प्राथमिकता वाले इन तीनों मेट्रो कॉरिडोर के तैयार होने के साथ ही इनके ऊपर मेट्रो, बीच में फ्लाईओवर और नीचे सड़क पर वाहनों की आवाजाही रहेगी.
राजधानी दिल्ली की बात करें तो यहां अभी तक एक भी डबल डेकर फ्लाईओवर नहीं है लेकिन दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण में पहली बार इस तरह के कॉरिडोर बनाने की पहल की गई है. मजलिस पार्क- मौजपुर, आजादपुर-डेरावल नगर और भजनपुरा- यमुना विहार कॉरिडोर पर निर्माण कार्य तेज गति से आगे बढ़ रहा है. मजलिस पार्क- मौजपुर कॉरिडोर पर निर्माण कार्य लगभग पूरा होने की कगार पर है और यहां फ्लाईओवर का रैंप तैयार होते ही वाहनों की आवाजाही को हरी झंडी दिखा दी जाएगी.
संगम विहार से अंबेडकर नगर
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने बताया कि पहला डबल डेकर 2.4 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर संगम विहार से अंबेडकर नगर तक बन रहा है. यहां पिलर खड़े करने का काम पूरा होने की कगार पर है और डेक स्लैब निर्माण कार्य चल रहा है. इस सिक्स लेन फ्लाईओवर निर्माण कार्य पूरा होते ही महरौली- बदरपुर रोड पर ट्रैफिक जाम की बड़ी समस्या से छुटकारा मिलेगा.
आजादपुर से डेरावल नगर
दूसरा 880 मीटर लंबा डबल डेकर फ्लाईओवर आजादपुर से डेरावल नगर बनाया जा रहा है. जनकपुरी पश्चिम- आरके आश्रम कॉरिडोर पर निर्माणाधीन इस फ्लाईओवर के नींव और पिलर खड़े करने का 70% काम पूरा हो चुका है. इस साल के आखिर तक इसपर वाहनों का आवागमन शुरू करने की उम्मीद जताई जा रही है.
भजनपुरा से यमुना विहार
1.4 किलोमीटर लंबा तीसरा डबल डेकर फ्लाईओवर भजनपुरा से यमुना विहार तक बन रहा है. यहां पेड़ों की कटाई के लिए परमिशन मिलने में हुई देरी के चलते फ्लाईओवर रैंप का निर्माण कार्य गत दिनों ही शुरू हुआ हैं. DMRC ने बताया कि मेट्रो परिचालन के लिए कॉरिडोर पूरी तरह से तैयार हैं और आने वाले कुछ महीनों में सिक्स लेन फ्लाईओवर निर्माण कार्य भी पूरा कर लिया जाएगा.
दिखेगा क्रांतिकारी बदलाव
तीनों डबल डेकर कॉरिडोर के निर्माण में एक ही पिलर पर मेट्रो और फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है. इससे कम जमीन की जरूरत पड़ेगी और निर्माण कार्य पर खर्च भी कम होगा. इससे लोगों को तेज और सुविधाजनक आवाजाही की सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा. राजधानी के लोगों को इसी साल से ही इन नए हाईटेक डबल डेकर कॉरिडोर का अनुभव मिलने की उम्मीद है जो शहर के ट्रैफिक और आवाजाही के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव की परिभाषा लिखेंगे.
