नई दिल्ली | असंगठित श्रमिकों के कल्याण हेतु केंद्र की मोदी सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है जिनमें से एक प्रधानमंत्री श्रम योगी मान- धन योजना भी शामिल हैं. इस योजना के तहत, कामगारों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है. यदि 3 हजार रुपए पेंशन चाहिए तो हर महीने कम से कम 55 रुपए का निवेश करना होगा. कामगार की ओर से जितना निवेश किया जाएगा, उसी हिसाब से पेंशन की राशि मिलेगी.
योजना से जुड़ी शर्तें
प्रधानमंत्री श्रम योगी मान- धन योजना का उद्देश्य देश के असंगठित श्रमिकों जिनमें रेहड़ी- पटरी वाले, कूड़ा बीनने वाले, रिक्शा चालक, निर्माण स्थल पर काम करने वाले श्रमिक, दिहाड़ी मजदूर, कृषि श्रमिक, घरेलू कामगार, बुनकर, कारीगर, मछुआरे, चमड़ा कामगार आदि आते हैं उन्हें बुढापे में 3 हजार रुपए मासिक पेंशन सुनिश्चित करना है. इस योजना के लिए पात्रता मानदंड 18- 40 वर्ष और मंथली इनकम 15 हजार या उससे कम होनी चाहिए.
आवेदनकर्ता कर्मचारी भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा निगम और न्यू पेंशन स्कीम के अन्तर्गत कवर नहीं होना चाहिए. टैक्सपेयर्स और किसी अन्य सरकारी योजना का लाभ उठा रहे व्यक्ति को भी इस योजना में शामिल नहीं किया जाएगा. योजना के लिए आवेदन करते समय आधार कार्ड, IFSC कोड सहित बचत बैंक अकाउंट, जन- धन खाता विवरण और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर होना जरूरी है.
योजना की जरूरी बातें
- केंद्र सरकार इस योजना में 1:1 के आधार पर श्रमिक के अंशदान के बराबर अंशदान करती है.
- लाभार्थी की मृत्यु पर पति/ पत्नी को पेंशन राशि का 50% पारिवारिक पेंशन के रूप में मिलता है.
- पारिवारिक पेंशन का लाभ पति या पत्नी में से किसी एक को ही मिलेगा.
- पात्र श्रमिक CSC सेंटर या मानधन पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं. यह योजना LIC द्वारा प्रशासित हैं.
