ज्योतिष | नए साल की शुरुआत के साथ ही भारत में मकर संक्रांति के पर्व का बेसब्री से इंतजार किया जाता है. इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं जिसे ज्योतिष के लिहाज से काफी खास माना जाता है. मकर संक्रांति को जीवन में नई ऊर्जा, सकारात्मक सोच और शुभ परिवर्तन की शुरुआत के रूप में भी माना जाता है. हम आपकी जानकारी के लिए बता दें कि यह पर्व एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति को दर्शाता है. आज की इस खबर में हम आपको मकर संक्रांति के पर्व पर आपको किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए इसके बारे में जानकारी देने वाले हैं.
मकर संक्रांति का पर्व
मकर संक्रांति के दिन को बेहद ही खास माना जाता है क्योंकि इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है. इसे देवताओं का दिन माना जाता है ऐसे में इस दिन आप जो भी पुण्य करते हैं उसका फल कई गुना बढ़ जाता है. मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान और पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है.
14 जनवरी को मकर संक्रांति का उत्सव मनाया जाता है. इस पावन पर्व के मौके पर खान-पान का भी विशेष महत्व है, इस दिन खिचड़ी- दही- तिल से बने लड्डू- गुड़ चावल और दाल जैसे सात्विक आहार ग्रहण करने की परंपरा काफी सालों से चली आ रही है. इन आहारों को स्वास्थ्य के लिहाज से भी काफी अच्छा माना जाता है.
इस प्रकार करें पितरों को प्रसन्न
इस दिन दान पुण्य करने का भी विशेष महत्व बताया गया है. कहा जाता है कि इस दिन अगर आप खिचड़ी, चावल या उड़द की दाल का दान करते हैं तो ऐसा करने से आपके ग्रह दोष शांत हो जाते हैं. साथ ही आपको पितरों का आशीर्वाद भी मिलता है. श्रद्धा भाव से पितरों का स्मरण करने से पितृ दोष से भी आपको मुक्ति मिल जाती है. अगर आप भी पितृ दोष से छुटकारा पाना जाते हैं, तो मकर संक्रांति के दिन आप दान पुण्य करके इस दोष से छुटकारा पा सकते हैं.
डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Haryana E Khabar इनकी पुष्टि नहीं करता है.
