नई दिल्ली | इस साल का बजट 1 फरवरी 2026 को पेश किया जाएगा. इससे पहले मोदी सरकार ने गरीब लोगों और असंगठित क्षेत्र में काम कर रहे श्रमिकों को एक राहत भरी खबर प्रदान की है. कैबिनेट की हुई मीटिंग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अटल पेंशन योजना (APY) को वित्त वर्ष 2030- 31 तक जारी रखने की स्वीकृति दे दी है. इस योजना की शुरुआत 9 मई 2015 को की गई थी.
मोदी सरकार ने किया विस्तार
यह योजना विशेष रूप से मजदूरी करने वाले, घरेलू श्रमिक, किसानों और छोटे व्यवसाय के लिए बनाई गई है और जो सरकारी और निजी स्कीम से संबंधित नहीं होते है. इस योजना के अनुसार, लोगों 60 साल की उम्र के बाद 1 हजार से 5 हजार रुपए तक की पेंशन दी जाएगी. हालांकि, पेंशन की राशि व्यक्ति द्वारा दिए गए योगदान पर निर्भर करेगी. सरकार का कहना है कि यह योजना बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगी.
अधिक लोगों को जोड़ना लक्ष्य
सरकार ने कहा है कि योजना को सही ढंग से चलाने के लिए जागरूकता, विकास कार्य और वित्तीय सहायता पहले की तरह चलता रहेगा. सरकार के इस फैसले से उन लोगों ज्यादा फायदा होगा, जिनके पास रिटायरमेंट के बाद कोई आय का स्त्रोत नहीं है. कैबिनेट फैसले में यह भी कहा गया कि सरकार आगे भी विकास एवं क्षमता जैसी गतिविधियों पर खर्च करती रहेगी ताकि ओर ज्यादा लोग इस योजना से जुड़ सके. सरकार का कहना है कि जब तक असंगठित क्षेत्र के बड़े हिस्सों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में नही लाया जाता, तब तक ऐसी योजनाओं का लागू रहना जरूरी है.
