नई दिल्ली | राजधानी की दिल्ली सरकार ने हजारो श्रमिकों और कारीगरों को बड़ी राहत प्रदान की है. सरकार ने मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना को मंजूरी दे दी है जिसका उद्देश्य दिल्ली के कारीगरों को आधुनिक कौशल से लैस करना और उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है. मुख्यमंत्री ने दिल्ली के कारीगरों की प्रशंसा करते हुए उन्हें हमारी सांस्कृतिक विरासत की असली पहचान बताया है.
मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना
दिल्ली खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड (DKVIB) के तहत लागू किया जाएगा. योजना के अनुसार, साल 2025- 26 में 3,728 लाभार्थियों को शामिल किया जाएगा. इस योजना के अनुसार, 12 दिन (96 घंटे) की ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें दो दिन का उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) भी शामिल होगा. प्रशिक्षण छोटे- छोटे समूहों में कराया जाएगा ताकि हर प्रतिभागी को सही मार्गदर्शन मिल सके. एक बैच में लगभग 35 से 45 लोग होंगे.
प्रशिक्षण पूरा करने पर प्रत्येक लाभार्थी को कुल 4,800 रुपये का स्टाइपेंड (400 रुपये प्रतिदिन) दिया जाएगा. साथ ही, भोजन के लिए 100 रुपये प्रतिदिन की सहायता भी प्रदान की जाएगी. प्रशिक्षण के बाद लाभार्थियों को पैर से चलने वाली सिलाई मशीन सहित आवश्यक टूलकिट उपलब्ध कराई जाएगी.
ई- कैटलाग किया जाएगा तैयार
सबसे अहम बात इसका डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है जिसमें हर कारीगर की प्रोफाइल, फोटो और उत्पादों की जानकारी के साथ एक ई- कैटलॉग तैयार किया जाएगा और इसे Open Network for Digital Commerce (ONDC) पर अपलोड किया जाएगा. इससे उनके उत्पादों को देश में ही नही बल्कि वैश्विक बाजार में भी बढ़ावा मिलेगा.
ई- श्रम से जुड़े कारीगरों को प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा है कि योजना में ‘रिकॉग्निशन ऑफ प्रायर लर्निंग (RPL )’ के माध्यम से पहले से काम कर रहे पारंपरिक कारीगरों के अनुभव और योग्यता को प्राथमिकता दी जाएगी, ताकि उन्हें बेहतर अवसर मिल सके. योजना की शुरुआत में ई- श्रम पोर्टल पर पंजीकृत करीब 18 हजार दर्जियों से की जाएगी और आगे चलकर अन्य पारंपरिक व्यवसायों जैसे कुम्हार, बढ़ई, मोची, बांस उत्पाद निर्माता समेत असंगठित क्षेत्र के कई अन्य कारीगर शामिल होंगे.
दिल्ली के खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड (DKVIB) के माध्यम से लागू की जाने वाली इस योजना से न केवल युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा बल्कि नई तकनीक और तकनीकी मार्केट से जुड़ने के अवसर भी मिलेंगे. इससे वे आत्मनिर्भर बनेंगे और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा.
