चंडीगढ़ | हरियाणा के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और ढांचागत सुविधाओं की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. राज्य सरकार की तरफ से साल 2026- 27 के नये शिक्षा सत्र से स्कूलों में इंटरनेट और AI फ्रेंडली स्मार्ट पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाई करवाई जाएगी. हरियाणा सरकार की तरफ से सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए यह अहम फैसला लिया गया है.
हरियाणा में स्मार्टबुक हुई पब्लिश
शुरुआत में यह सुविधा कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए लागू होगी. यदि प्रयोग कामयाब रहा तो अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी स्मार्ट पाठ्य पुस्तकों से पढ़ाई कराई जाएगी. वर्तमान में हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी (HBSE) के जरिए गणित, अंग्रेजी और विज्ञान विषयों की स्मार्ट पुस्तकें पब्लिश कराई गई हैं. ये बुक्स अंग्रेजी व हिंदी माध्यमों में प्रकाशित की गई हैं.
विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर शिक्षा
राज्य के सभी 23 जिलों में 40 ऐसे केंद्र निर्मित किए गए हैं, जहां से इन पुस्तकों को खरीद सकते है. स्मार्ट पुस्तकों की परिकल्पना को इसलिए भी साकार किया गया है, ताकि मार्किट से नकली और महंगी पुस्तकों को प्रचलन से बाहर कर पाएं. मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा द्वारा दावा किया गया है कि स्मार्ट पुस्तकों से पढ़ाई कराने की पहल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के जरिए बेहतर और प्रभावशाली शिक्षा देने में सहायक होगी.
क्यूआर कोड मुद्रित
ये स्मार्ट पाठ्यपुस्तकें पुरानी किताबों से काफी आगे हैं. इन पुस्तकों के सिलेबस में शामिल सभी सिद्धांतों, प्रयोगों, गतिविधियों, उदहरणों व अभ्यास प्रश्नों के लिए वीडियो व्याख्यान (लेक्चर) मुहैया कराए गए हैं. हर विषयवस्तु के साथ क्यूआर कोड दिया गया है, जिन्हें स्कैन कर विद्यार्थी संबंधित टॉपिक के वीडियो को आसानी से देख पायेंगे. इससे छात्र कठिन विषयों को आसानी से समझ पाएंगे और उनकी सिखने की प्रक्रिया भी ज्यादा रोचक एवं प्रभावी बनेगी.
