झज्जर | हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी में आयोजित हुएं प्रसिद्ध घोड़ा मेले में ‘बादलराज’ नाम के घोड़े ने जमकर महफिल लूटी. उसकी कद-काठी, सुंदरता और चाल हर किसी को मंत्रमुग्ध कर रही थी. 50 लाख रुपए कीमत वाला बादलराज घोड़ा जहां से भी गुजर रहा था, लोग बस देखते ही रह रहे थे.
झज्जर का बादलराज घोड़ा
बादलराज घोड़े के मालिक जितेंद्र ने बताया कि यह घोड़ा अब तक दो बार चैंपियन का खिताब जीत चुका है. इसने मात्र 18 महीने की उम्र में ही भारत देश के अंदर सुंदरता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त किया था. यही वजह है कि आज भी बादलराज घोड़ा प्रेमियों के बीच आकर्षण का केंद्र बनकर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर चुका है.
उन्होंने बताया कि 65 इंच उंचाई वाले बादलराज घोड़े की देखभाल विशेष तरीके से की जाती है. इसको खुराक में दूध, फल-सब्जियां व चना और ड्राई फ्रूट्स खिलाएं जाते हैं ताकि इसकी फिटनेस व चमक बरकरार रह सकें. यह घोड़ा सिर्फ दिखने में ही खूबसूरत नहीं बल्कि बेहद चुस्त- दुरुस्त और दमदार भी है.
सालों का अनुभव
जितेंद्र ने बताया कि पिछले चार दशक से उनका परिवार घोड़ा पालन व्यवसाय कर रहा है. उनके परिवार में घोड़ों की परवरिश और प्रशिक्षण का अच्छा- खासा अनुभव है. इसकी साफ झलक बादलराज घोड़े की तैयारी और प्रस्तुति में साफ नजर आ रही है. बादलराज घोड़े का पिता ‘पारणमणि’ भी बेहद चर्चित घोड़ा रहा है. दावा हैं कि उसे रिलायंस ने साढ़े 3 करोड़ रुपए की ऊंची कीमत पर खरीदा था. वहीं, इसके दादा ‘देवरूप’ घोड़े की गिनती भी बेहद चर्चित घोड़ों में रही है. वह राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के यहां हैं.
DC के बुलावे पर पहुंचे मेले में…
उन्होंने बताया कि डीसी ऑफिस से बुलावे पर वह बादलराज घोड़े को लेकर बेरी घोड़ा मेले में पहुंचे थे. मेले के दौरान डीसी रविन्द्र पाटिल ने भी बादलराज को सम्मानित किया था जिसके बाद यह और ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है. बता दें कि झज्जर के बेरी में हर साल प्रसिद्ध घोड़ा मेले का आयोजन होता है और देश ही नहीं बल्कि विदेशों से भी खरीद-फरोख्त के लिए घोड़े लाएं जाते हैं.
