चंडीगढ़ | हरियाणा में कृषि आधारित ट्यूबवेल कनेक्शनों से जुड़ी एक नई अपडेट सामने आई है. बता दें कि हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (HERC) ने डिस्कॉम को सख्त निर्देश दिए है कि अगले 3 महीनों के भीतर सभी बिना मीटर वाले कृषि कनेक्शनों पर मीटर लगाने की विस्तृत योजना तैयार की जाए.
7 लाख से अधिक कृषि कनेक्शन
वर्तमान में हरियाणा में 7 लाख से अधिक कृषि कनेक्शन है और इन पर 7800 करोड़ रुपए की सब्सिडी प्रस्तावित है. फिलहाल हरियाणा में आंकडों की माने तो उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) में 2,158 मिलियन यूनिट और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) में 1,758 मिलियन यूनिट बिजली बिना मीटर के ही खपत हो रही है. यह कुल बिक्री बिजली का क्रमशः 9% और 5% हिस्सा है.
राज्य में फिलहाल कृषि कनेक्शनों पर बिजली बिल पंप की हॉर्स पावर के आधार पर फ्लैट रेट से लिया जाता है, लेकिन भविष्य में इस व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है और मीटर के आधार पर बिलिंग लागू की जा सकती है.
नियमों का उल्लंघन
कमीशन ने स्पष्ट आदेश दिए गए है कि बिना मीटर के बिजली आपूर्ति करना नियमों का उल्लंघन करना है. यह केंद्र सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी “सब्सिडी लेखांकन और भुगतान के मानक संचालन” प्रक्रिया के खिलाफ है. सरकारी नियमों के अनुसार किसी भी उपभोक्ता को बिना मीटर के कनेक्शन नहीं दिया जा सकता और ना ही सब्सिडी का आकलन बिना मीटर के किया जा सकता है.
