नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली AIIMS से गुरुग्राम के बीच प्रस्तावित नए एक्सप्रेसवे को पूरी तरह से एलिवेटेड बनाने की योजना बनाई गई है. केंद्रीय सड़क मंत्रालय ने बताया कि दिल्ली या फिर गुरुग्राम इलाके में (खासकर AIIMS से महिपालपुर के बीच) कहीं भी रूट को भूमिगत करना संभव नहीं था.

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य दो चरणों में पूरा होगा. पहले चरण में AIIMS से महिपालपुर तक और दूसरे चरण में महिपालपुर से गांव घाटा में गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड तक बनेगा. इसके बनने के बाद सफर में लगने वाला 2 घंटे का समय घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगा.
दिल्ली एम्स की डगर होगी आसान
पिछले कुछ सालों में दिल्ली- गुरुग्राम के बीच ट्रैफिक दबाव में उम्मीद से ज्यादा बढ़ोतरी हुई है. इससे कनेक्टिविटी पर असर पड़ा है और लोगों को सफर करने से पहले दस बार सोचना पड़ रहा है. इसी परेशानी को दूर करने के लिए दिल्ली एम्स से गुरुग्राम लगभग 35 किलोमीटर लंबा नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की योजना बनाई गई है.
उन्होंने बताया कि डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) के मुताबिक एम्स से लेकर गुरुग्राम तक खासकर एम्स से लेकर महिपालपुर तक कहीं भी रूट को भूमिगत करना संभव नहीं था. जगह- जगह यूटिलिटी शिफ्टिंग के चलते काम करने में परेशानी झेलनी पड़ती और केंद्र सरकार नहीं चाहती है प्रोजेक्ट शिकायतों में उलझ कर रह जाए. इसी वजह से एलिवेटेड कॉरिडोर बेहतर विकल्प है.
यहां धौलाकुआं के नजदीक होटलों में बड़े-बड़े कार्यक्रमों के चलते ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है. वहीं, IGI एयरपोर्ट नजदीक होने से VIP का आवागमन लगा रहता है जिससे ट्रैफिक जाम में और इजाफा हो जाता है. ऐसे में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण से धौलाकुआं से लेकर महिपालपुर तक दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक दबाव कम करने में बड़े स्तर पर मदद मिलेगी.
सिरहौल बॉर्डर पर भी मिलेगी राहत
इस एलिवेटेड एक्सप्रेसवे के निर्माण से सिरहौल बॉर्डर से भी ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी. इस एक्सप्रेसवे से होते हुए बड़ी संख्या में वाहन महिपालपुर से ही गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड की ओर मुड़ जाएंगे. गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड से आने वाले काफी वाहन सिरहौल बार्डर से होते हुए निकलने की बजाय सीधे महिपालपुर पहुंच जाएंगे. इससे सिरहौल बार्डर पर दोनों तरफ ट्रैफिक का दबाव कम हो जाएगा.
गांव घाटा के नजदीक सदर्न पेरिफेरल रोड (SPR) गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड से जुड़ा है. SPR आगे खेड़कीदौला के नजदीक द्वारका एक्सप्रेसवे एवं दिल्ली- गुरुग्राम एक्सप्रेसवे से जुड़ी हुआ है. यही नहीं SPR बीच में वाटिका चौक पर गुरुग्राम- सोहना हाईवे से गुजर रहा है. गुरुग्राम- सोहना हाईवे गांव अलीपुर के नजदीक दिल्ली- मुंबई एक्सप्रेसवे से जुड़ा है. इस तरह एक नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से कई इलाकों की कनेक्टिविटी न केवल बेहतर बल्कि सुपरफास्ट भी हो जाएगी.