चंडीगढ़ | हरियाणा में किसानों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. मुख्यमंत्री नायब सैनी की घोषणा के अनुरूप प्रदेश में तीसरी बिजली कंपनी बनाने की अधिसूचना जारी हो गई है. राज्य में अभी तक उत्तर हरियाणा (UHBVN) एवं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के नाम से दो बिजली कंपनियां संचालित हैं.

हरियाणा में मिलेगी सस्ती व निर्बाध बिजली
अब हरियाणा एग्री डिस्काम के नाम से राज्य में तीसरी बिजली कंपनी संचालित होगी, जिसका उद्देश्य किसानों को निर्बाध और सस्ती बिजली उपलब्ध कराना होगा. राज्य सरकार किसानों को 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से सस्ती बिजली उपलब्ध करा रही है. किसानों को सब्सिडी के रूप में हर साल करीब 7,000 करोड़ रुपये प्रदान किए जाते हैं जिसमें कमी लाना तीसरी बिजली कंपनी के प्रमुख कार्यों का एक बड़ा हिस्सा है.
सैनी सरकार का यह कदम बिजली वितरण क्षेत्र में बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है. इससे जहां किसानों को सस्ती और भरोसेमंद बिजली मिलेगी. वहीं, राज्य की बिजली व्यवस्था में दक्षता और पारदर्शिता भी बढ़ेगी. सरकार इसे किसानों की आय बढ़ाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर मान रही है. राज्य सरकार ने सूबे के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा एग्री डिस्काम बनाने का फैसला लिया है.
राज्य सरकार का मानना है कि तीसरा बिजली वितरण निगम बनने से विशेष रूप से कृषि उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के बिजली सेवाएं मिल सकेगी. कृषि क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, इसलिए किसानों को सब्सिडी वाली, गुणवत्तापूर्ण और अब ग्रीन (सौर) ऊर्जा उपलब्ध कराना जरूरी हो गया है.
क्या होगा नया बदलाव?
- नया हरियाणा एग्री डिस्काम पूरे राज्य में कृषि फीडरों और उपभोक्ताओं को संभालेगा.
- इससे ट्यूबवेल कनेक्शन जारी करने, ट्रांसफार्मर बदलने और बिजली सप्लाई में तेजी आएगी.
- किसानों को निर्बाध और विश्वसनीय बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
- राज्य पर सब्सिडी का बोझ भी कम करने का लक्ष्य रहेगा.