चंडीगढ़ | हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने अपने कर्मचारियों के हित में एक और ऐतिहासिक फैसला लिया है. प्रदेश सरकार का यह फैसला उन कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगा, जो जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में ड्यूटी करते हैं. इसमें पुलिस विभाग, वन विभाग, अग्निशमन विभाग और माइनिंग सहित कई अन्य विभाग शामिल हैं.
आश्रितों को मिलेगी मुआवजा राशि
प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि राज्य में ड्यूटी के दौरान हादसे का शिकार होकर जान गंवाने वाले ग्रुप C और D श्रेणी के कर्मचारियों के परिवारों को अब 30 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सैनी की मंजूरी के बाद यह फैसला लागू कर दिया गया है.
सरकार के फैसले के तहत मृतक कर्मचारी के आश्रितों को मुख्यमंत्री हरियाणा कर्मचारी दुर्घटना सुरक्षा योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये और मुख्यमंत्री राहत कोष से 20 लाख रुपये दिए जाएंगे. इस तरह कुल 30 लाख रुपये की सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी.
अधिकारियों को दिए निर्देश
राज्य सरकार के हरियाणा अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह राशि मृतक कर्मचारी के आश्रितों के बैंक खाते में जल्द से जल्द जमा कराई जाए. संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बिना देरी भुगतान सुनिश्चित करें. यह फैसला विशेष रूप से उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है जो जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में काम करते हुए हादसों का शिकार हो जाते हैं.
