करनाल | हरियाणा के करनाल जिले के सीतामाई गांव जो आस्था का प्रमुख केंद्र है. यह वही स्थान माना जाता है, जहां माता सीता ने अपनी पवित्रता को सिद्ध करते हुए धरती माता को पुकारा था और फिर साक्षात पृथ्वी की गोद में समा गई थी. यहां गांव में प्रवेश करते ही अलग ही शांति का अनुभव होता है.

सभी मनोकामनाएं होती है पूरी
यहां स्थित सीतामाई मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि विश्वास, त्याग और नारी के सम्मान का प्रतीक है, जो हरियाणा में 48 कोस कुरुक्षेत्र की सांस्कृतिक यात्रा का हिस्सा है. यह मंदिर करनाल से लगभग 20 से 25 किलोमीटर दूर स्थित है और लंबे समय से भक्तों की आस्था का केंद्र बना हुआ है. यहां दूर- दूर से लोग अपनी मनोकामनाएं लेकर आते है और माता सीता के दर्शन करते है. मान्यताओं के अनुसार, यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर इच्छाएं पूरी होती है.
यहां हजारों श्रद्धालु दर्शन करने आते है. नवरात्रि के दौरान विशेष पूजा की जाती है, उस समय यहां भारी भीड़ होती है. सीतामाई मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यह इतिहास, आस्था और पौराणिक का अद्भूत संगम भी है, जो हरियाणा का प्रमुख तीर्थ स्थल माना जाता है.