नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रहने वाली अनीता ने ऐसा कमरा तैयार किया है जिसने देखने के लिए जापान, नेपाल, अमेरिका और अफगानिस्तान तक से विशेषज्ञ आ रहे है. खास बात यह है कि यह कमरा खुद में ही किसी AC से कम नहीं है. ऐसा माना जा रहा है बाहर का तापमान यदि 45 डिग्री सेल्सियस भी होगा तो इसके अंदर 20 से 25 डिग्री सेल्सियस का एहसास होगा.

मिट्टी और चूने से तैयार कमरा
अनीता डागर ने इस कमरे को बनाने में पारंपरिक और वैज्ञानिक तरीको का मिश्रण किया गया है. बता दें कि पहले कच्चे घर और कच्ची सड़कें होती थी, लेकिन अब पक्के घर और पक्की सड़कों के कारण तापमान भी बढ़ रहा है.
ऐसे में अनीता को करीब 2 साल पहले यह ख्याल आया. इसके बाद, उसने घर में ही मिट्टी और चूने से एक कमरा तैयार किया. जब इस कमरे के अंदर उन्होंने सोना शुरू किया तो उन्होंने पाया कि इस कमरे में 45 डिग्री तापमान में भी 20 से 25 डिग्री सेल्सियस तापमान का एहसास होता है. इस कमरे में गर्मियों में ठंडी और ठंड में सामान्य तापमान रहता है. यह कमरा बेहद ठंडा रहता है.
दूर- दूर से सीखने आते है लोग
अनीता डागर के इस कमरे को देखने और इसकी तकनीक सीखने के लिए नेपाल, अमेरिका, जापान और अफगानिस्तान तक से लोग आ रहे है. इस तकनीक से न सिर्फ तापमान कम होता है बल्कि बिजली की खपत भी शून्य के बराबर रहती है, क्योंकि ठंडा रहने के कारण ना तो AC की जरूरत होती है और न ही अन्य उपकरणों की. अगर इस मॉडल को बड़े स्तर पर अपनाया जाएगा, तो यह पर्यावरण संरक्षण और बिजली की बचत दोनों में अहम साबित हो सकता है.