नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट मीटिंग में किसानों से जुड़े दो बड़े फैसलों पर मुहर लगाई गई है. मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केंद्रीय प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि बैठक में लिए गए कई महत्वपूर्ण फैसलों से भारतीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और प्रमुख औद्योगिक व कृषि क्षेत्रों को मजबूती प्रदान होगी.

‘कपास क्रांति मिशन’ की शुरुआत
केंद्र की मोदी सरकार ने कपास उत्पादन बढ़ाने के 5,659 करोड़ रुपए के ‘कपास क्रांति मिशन’ के फैसले को मंजूरी दी है. इस ऐतिहासिक पहल से देश के लाखों किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा. उन्होंने बताया कि वर्तमान में 297 लाख गांठ उत्पादन के साथ भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कपास उत्पादक देश है. 2030-31 तक यह मांग 450 लाख गांठ तक पहुंचने का अनुमान है.
इस बढ़ती मांग को पूरा करने और क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए कपास क्रांति मिशन की एक विस्तृत परियोजना को मंजूरी दी गई है. यह राशि मुख्य रूप से अनुसंधान, उत्पादन तकनीकों को बढ़ाने और किसानों को नए जमाने के फाइबर अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने पर खर्च किया जाएगा.
गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में चीनी सत्र 2026-27 के लिए गन्ने का उचित एवं लाभकारी मूल्य (FRP) 365 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित करने के फैसले को मंजूरी प्रदान की गई है. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा लिया गया यह फैसला देश के करोड़ों गन्ना उत्पादक किसानों की आय बढ़ाने, उन्हें उत्पादन का बेहतर प्रतिफल दिलाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.
#WATCH दिल्ली: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “आज, कैबिनेट ने ‘कपास क्रांति’ नाम की पहल के ज़रिए हमारे देश में कपास उगाने वाले 32 लाख किसानों के लिए एक क्रांतिकारी कदम को मंज़ूरी दी। भारत पहले से ही 297 लाख बेल्स के प्रोडक्शन के साथ दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा कॉटन… pic.twitter.com/mdPJ83M3hC
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 5, 2026
उन्होंने बताया कि 10.25% की बेसिक रिकवरी दर पर 365 रुपए प्रति क्विंटल FRP स्वीकृत किया गया है. साथ ही, 10.25% से अधिक रिकवरी पर प्रत्येक 0.1% वृद्धि के लिए 3.56 रुपए प्रति क्विंटल का प्रीमियम दिया जाएगा. जबकि 10.25% से कम रिकवरी पर इसी दर से FRP में कमी का प्रावधान है.
केंद्रीय मंत्री चौहान ने बताया कि जिन चीनी मिलों में रिकवरी साढ़े 9% से कम रहेगी, वहां भी किसानों के FRP में कोई कटौती नहीं की जाएगी और ऐसे किसानों को 338.30 रुपए प्रति क्विंटल की निर्धारित MSP मिलती रहेगी.