नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से शिक्षा के क्षेत्र में एक गौरवमई खबर सामने आई है. बता दें कि राजधानी की शहीद राजगुरू कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंसेज फॉर विमेन की छात्रा ने अपने 8वीं कक्षा के एक साधारण रिसर्च को सफल स्टार्टअप में बदल दिया है. इस युवा उद्यमी का ‘मोरिंगार्ड’ ब्रांड अब तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जो बाल झड़ने से लेकर त्वचा के रूखेपन जैसी समस्याओं के सामाधान का दावा कर रहा है.

लोगों की परेशानी का किया समाधान
दिल्ली- एनसीआर के लोगों को लंबे समय से पानी की कठोरता के कारण बाल झड़ना, स्किन ड्राई होना जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. इसके लिए अन्वी गुप्ता ने समाधान निकाला. अन्वी ने स्कूल प्रोजेक्ट के दौरान मोरिंगा के गुणों पर शोध शुरू किया था. बाद में कॉलेज में एंटरप्रेन्योरशिप प्रोजेक्ट के तहत उन्होंने इसे एक स्टार्टअप आइडिया में बदल दिया. रिसर्च के दौरान अन्वी को पता चला कि यह फॉर्मूलेशन पानी की कठोरता को कम कर सकता है और यही से फिर इनोवेशन की शुरुआत हुई.
इस तरह करता है कार्य
यह प्रोडेक्ट मोरिंगा के साथ कई अन्य बीजों के छिलकों का मिश्रण है. इसका काम पानी में मौजूद कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे तत्वों को बांधकर नीचे बैठाना है, जिसे वैज्ञानिक भाषा में कोएगुलेशन कहा जाता है. इस प्रक्रिया की खास बात यह है कि यह बेहद आसान है और इससे पानी की कठोरता को कम होती है.
इसकी कीमत भी लोगों के किफायती रहने वाली है, जिससे कि हर वर्ग के लोग इसे आसानी से इस्तेमाल कर सके. खासकर उन लोगों के लिए यह अच्छा विकल्प है, जो हर रोज नहाने के लिए या हेयर वॉश के लिए सॉफ्ट पानी चाहते है. अन्वी के अनुसार, फिलहाल यह प्रोजेक्ट इनक्यूबेशन स्टेज में है और लगातार रिसर्च जारी है. भविष्य में इसे एक कार्ट्रिज के रूप में विकसित करने की योजना है, जिससे इसे सीधा पानी की टंकी के साथ जोड़ा जा सकेगा.