पंचायतों के जीरो बैलेंस खाते, बिलों की उगाही करेगी महिलाएं; साफ पानी को लेकर हरियाणा सरकार ने बनाई योजना

चंडीगढ़ | हरियाणा के गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की दिशा में जनस्वास्थ्य विभाग ने एक नई पहल की शुरुआत की हैं. इसके तहत विभाग द्वारा प्रदेश में पहली बार ग्राम पंचायतों के जीरो बैलेंस खाते खोले जाएंगे. इन खातों में बजट राशि जमा की जाएगी ताकि पेयजलापूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए पंचायतों को ही आत्मनिर्भर बनाया जा सके. इस बजट राशि से पंचायतें देखरेख से लेकर पानी की पाइपलाइनों की मरम्मत जैसे कार्य अपने स्तर पर करवा सकेगी.

Water Pani

गांव से पानी के बिल के रूप में जितनी राशि इक्कठा की जाएगी, उतनी ही राशि विभाग द्वारा पंचायत के खाते में जमा की जाएगी. जनस्वास्थ्य विभाग ने बताया कि गांवों में पानी के बिल करोड़ों रुपए में बकाया पड़े हैं. ऐसे में बिलों की उगाही करने की जिम्मेदारी भी पंचायतों को दी जाएगी ताकि पेयजलापूर्ति व्यवस्था में सुधार हो सके.

महिलाओं को मिलेगा फायदा

विभाग ने बताया कि गांव की आधी आबादी को पेयजलापूर्ति व्यवस्था सुधारने में भागीदार बनाया जा रहा है. इतना ही नहीं, गांव में 500 की आबादी पर स्वयं सहायता समूह (SSG) की एक महिला तैनात होगी. यह महिला रोजाना पानी के 3 सैंपल एकत्रित करेगी और प्रति सैंपल महिला को 10 रुपए मिलेंगे. इसी प्रकार जो राशि पानी के बिलों से इक्कठा होगी, उसका 10% महिला को मिलेगा. इस तरह यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करेगी.

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योजना की खास बातें

  • प्रदेश की 6237 ग्राम पंचायतों में यह नई व्यवस्था लागू होगी और सभी पंचायतों के Indian Bank में जीरो बैलेंस खाते खोले जाएंगे.
  • गांव की महिलाएं पानी के बिलों की उगाही करेगी और उस राशि का 10% हिस्सा महिलाओं को प्रोत्साहन के रूप में मिलेगा.
  • एक महिला को हर दिन कम से कम 3 पानी के सैंपल लेने होंगे और प्रति सैंपल 10 रुपए महिला को मिलेगा.
  • SSG की महिला का कक्षा 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है. 500 की आबादी पर एक महिला की तैनाती की जाएगी.
  • जितनी बिल वसूली, उतनी ही राशि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्राम पंचायत के खाते में डाली जाएगी.

गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को केवल सरकारी तंत्र पर निर्भर न रखने के उद्देश्य से पंचायत आधारित मॉडल तैयार किया गया है. पंचायतें अपने स्तर पर बेहतर निगरानी कर सकती हैं. इससे गांवों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत और दुरस्त बनाने में मदद मिलेगी- सलाहकार अधिकारी, अशोक भाटी

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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.