चंडीगढ़ | हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की तरफ से हरियाणा पुलिस कांस्टेबल के 5500 पदों पर भर्ती की जाएगी. इस भर्ती के लिए पहले पीएमटी होगा. इसके बाद, पीएसटी होगा तथा बाद में लिखित परीक्षा होगी. फिलहाल, कमीशन की तरफ से पीएमटी प्रक्रिया करवाई जा रही है. आयोग की तरफ से पीएमटी के लिए उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया था. इसी बीच एक विवाद खड़ा हो गया.

जानें पूरा मामला
अगर इसके बारे में बात करें तो सीईटी-1 पास करने और सामान्य वर्ग की कट-ऑफ (52.17) से ज्यादा अंक होने के बावजूद आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को शारीरिक परीक्षण के लिए नहीं बुलाया गया. आयोग ने बाद में श्रेणीवार नई कट-ऑफ लागू कर दी, जिससे वे मेरिट में होने के बावजूद बाहर हो गए. ऐसे में इन उम्मीदवारों ने कोर्ट का सहारा लिया.
अदालत ने दी राहत
सुनवाई के दौरान दलील पेश की गई कि सुप्रीम कोर्ट के मुताबिक अगर आरक्षित वर्ग का अभ्यर्थी सामान्य श्रेणी की कट-ऑफ से ज्यादा अंक लाता है तो उसे जनरल कैटेगरी में ही माना जाना चाहिए. हाई कोर्ट का कहना है कि अंतिम फैसला सुनवाई के बाद होगा. हरियाणा पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने आरक्षित वर्ग के उन अभ्यर्थियों को राहत प्रदान की है, जिन्हें सामान्य वर्ग से ज्यादा अंक होने के बावजूद चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया था.
2 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
जस्टिस जेएस पुरी की खंडपीठ ने याचिकाकर्ताओं को सीईटी-2 में शामिल होने की अनुमति प्रदान कर दी है. हरियाणा सरकार व HSSC से इस बारे में जवाब मांगा गया है. मामले की अगली सुनवाई 2 जुलाई को होगी. फिलहाल यह उम्मीदवार प्रोविजनल तौर पर शामिल हो सकते हैं.