हिसार | हरियाणा के हिसार शहर के बीचोंबीच स्थित सबसे पुराने पुल को नया स्वरूप देने की तैयारियां शुरू हो गई है. इसे लेकर जयपुर से हिसार पहुंची रेलवे की विशेष टीम ने तकनीकी सर्वे कार्य शुरू कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी बंसीलाल के शासनकाल के दौरान बनें लक्ष्मीबाई चौक से बीकानेर चौक के बीच 51 साल पुराने रेलवे ओवरब्रिज को ऊंचा उठाकर नए सिरे से निर्माण किया जाएगा.

अभी इस पुल के नीचे से ट्रेनों को गुजारने के लिए उनकी स्पीड करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटा करनी पड़ती हैं लेकिन नए पुल का निर्माण होने और ऊंचाई बढ़ने के बाद यहां से इलेक्ट्रिक ट्रेन 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजर सकेगी. पुल को रेलवे की तरफ से 6.55 मीटर तक ऊंचा उठाए जाने की योजना है. यह पुल शहर की लाइफलाइन हैं और दो हिस्सों को जोड़ता है.
उंचाई और लंबाई को जाएगा बढ़ाया
प्रस्तावित योजना के तहत पुल की ऊंचाई को वर्तमान 5.05 मीटर से बढ़ाकर 6.55 मीटर किया जाएगा, जिससे इलेक्ट्रिक ट्रेनों का संचालन निर्बाध रूप से हो सके. इसके साथ ही, रेलवे हिस्से की लंबाई 15.60 मीटर से बढ़ाकर लगभग 45 मीटर करने का खाका तैयार किया गया है. यह विस्तार न केवल तकनीकी जरूरतों को पूरा करेगा, बल्कि ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने में मदद करेगा.
तकनीकी दृष्टि से मजबूत होगा ढांचा
सर्वे के दौरान टीम ने पुल की वर्तमान संरचना, सड़क की चौड़ाई, विद्युत पोल की स्थिति, फुटपाथ और आसपास लगे पेड़ों का गहन अध्ययन किया. साथ ही पुल की मजबूती, संरचनात्मक स्थिरता और उस पर पड़ने वाले यातायात दबाव का भी बारीकी से परीक्षण किया जा रहा है ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप एक सुदृढ़ और टिकाऊ ढांचा तैयार किया जा सकें.
अंडरपास से जुड़ेगा हर कोना
परियोजना में केवल ओवरब्रिज का विस्तार ही नहीं बल्कि आसपास के क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी देने पर काम किया जा रहा है. अग्रसेन भवन और रामपुरा मुहल्ला की ओर सुगम आवागमन के लिए अंडरपास का प्रस्ताव रखा गया है. यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह क्षेत्रीय संपर्क को नई दिशा देगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आएगी.