गुरुग्राम | हर साल बारिश के मौसम में जलभराव और ट्रैफिक जाम की समस्या से जूझने वाले गुरुग्राम शहर को अब राहत मिलने वाली है. बता दें कि नगर निगम प्रशासन ने मानसून से पहले शहरवासियों को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी है. नगर निगम अधिकारियों के अनुसार 31 मई तक शहर के सभी बड़े और छोटे नालों की सफाई पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी सुचारू रूप से हो सके.

नालों की सफाई जारी
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि शहर में कुल 607 किलोमीटर लंबे नालों की पहचान की गई है, जिनमें से अब तक करीब 408 किलोमीटर की सफाई पूरी हो चुकी है और बाकी हिस्सों में तेजी से काम चल रहा है. निगम का लक्ष्य है कि मानसून आने से पहले सभी ड्रेनेज सिस्टम पूरी तरह साफ हो. इसके साथ ही, 109 पंप और 63 सक्शन टैंकरों की व्यवस्था भी की गई है ताकि जलभराव की समस्या से निपटा जा सके.
मॉडल रोड के रूप में विकसित
शहर की सड़कों को बेहतर और आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम तेज किया गया है. नगर निगम करीब 124 किलोमीटर लंबी सड़कों को ‘मॉडल रोड’ के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रहा है. इन सड़कों पर चौड़े फुटपाथ, बेहतर स्ट्रीट लाइट, साइकिल ट्रैक, आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी.मॉडल रोड परियोजना न केवल सड़कों का सौंदर्यीकरण बढ़ाएंगी बल्कि ट्रैफिक दबाव और प्रदूषण कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.
मानसून से पहले पूरी व्यवस्था
निगम आयुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार गुरुग्राम शहर में स्वच्छता, सड़क विकास, जल निकासी और पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्य तेजी से किए जा रहे है. नगर निगम द्वारा डोर- टू- डोर कचरा संग्रहण के लिए 4 एजेंसियों को अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है, जो 400 वाहनों के माध्यम से कचरा उठाने का कार्य कर रही है. 20 मैकेनाइज्ड रोड स्वीपिंग मशीनें हर रोज करीब 540 किलोमीटर सड़कों की सफाई कर रही है.नगर निगम का कहना है कि इस बार मानसून से पहले सड़क, सीवरेज, ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि लोगों को बारिश के दौरान परेशानी का हो.